Jaipur Metro Phase 2: राजधानी जयपुर में अगले पांच वर्ष में मेट्रो का दायरा बढ़कर 57 किमी का हो जाएगा। इससे शहर के प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को सीधा जुड़ाव मिलेगा और यातायात दबाव में बड़ी राहत की उम्मीद है।
Jaipur Metro: जयपुर। राजधानी जयपुर में अगले पांच वर्ष में मेट्रो का दायरा बढ़कर 57 किमी का हो जाएगा। राज्य सरकार ने 42.80 किमी की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाकर केंद्र सरकार को भेजी थी, लेकिन 1.8 किमी के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया। ऐसे में 41 किमी लम्बे रूट को हरी झंडी मिल गई। वर्ष 2031 तक जयपुर मेट्रो का कुल रूट करीब 57 किमी तक पहुंचाने की योजना है। इससे शहर के प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को सीधा जुड़ाव मिलेगा और यातायात दबाव में बड़ी राहत की उम्मीद है।
जयपुर मेट्रो फेज-2 में प्रस्तावित 36 में दो स्टेशन (सांगोनर और जयपुर एयरपोर्ट) भूमिगत बनाए जाएंगे। शेष स्टेशन एलिवेटेड होंगे। वहीं, खासाकोठी पर फेज-1 पर स्टेशन विकसित किया जाएगा। फेज-2 में प्रस्तावित स्टेशन को जोड़ा जाएगा। गर्वनमेंट हॉस्टल और चांदपोल मेट्रो स्टेशन के बीच 1800 मीटर की कनेक्टिंग (स्पर लाइन) लाइन को केंद्र ने मंजूरी नहीं दी है।
12.03 से बढ़कर 57.23 किमी में फैलेगा जालः फेज-1ए और 1बीः (मानसरोवर से बड़ी चौपड़): 12.03 किमी में मेट्रो का संचालन हो रहा है।
फेज-1 सी और डीः बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर (2.85 किमी), मानसरोवर से 200 फीट बाइपास तक (1.35 किमी) का काम चल रहा है। मेट्रो अधिकारियों की मानें तो अगले दो वर्ष में इनका संचालन शुरू हो जाएगा।
फेज-2: (प्रह्मलादपुरा से टोडी मोड़): 41 किमी के इस प्रोजेक्ट से शहर क उत्तर-दक्षिण हिस्से जुड़ जाएंगे।
भूमि अधिग्रहणः घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जमीन उपलब्ध कराना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
यातायात प्रबंधनः टोंक रोड पर यातायात का भारी दबाव रहता है। निर्माण के दौरान मुख्य मार्गों पर जाम और डायवर्जन की समस्या बढ़ सकती है।
यूटिलिटी शिफ्टिंगः पानी, बिजली, सीवर लाइन जैसी सुविधाओं को शिफ्ट करने में देरी से काम प्रभावित हो सकता है।
जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण का काम जल्द शुरू होगा। इसके संकेत गुरुवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय में बैठक के दौरान शहर के यातायात प्रबंधन और सुधार को लेकर चर्चा की। जनसंख्या घनत्व और ट्रैफिक के दबाव को ध्यान में रखते हुए भविष्य में दिल्ली रोड और सीकर रोड सहित अन्य प्रमुख मार्गों की दिशा में मेट्रो विस्तार की योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
वैशाली नगर और जगतपुरा को जोड़ने वाले रूट को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से तेजी से काम करने के निर्देश दिए। मेट्रो की ओर से बगराना (आगरा रोड), हीरापुरा बस टर्मिनल तक मेट्रो के मास्टर प्लान का प्रस्तुतीकरण दिया गया। फेज-2 के पैकेज-1 (प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गोशाला तक) का कार्यदिश जल्द जारी करने निर्देश दिए।
जेएलएन मार्ग पर यातायात प्रबंधन का प्रभावी प्लान बने। द्रव्यवती एलिवेटेड कॉरिडोर की डीपीआर शीघ्र तैयार कराई हो। महल रोड, सीकर रोड और न्यू सांगानेर रोड को सिग्नल फ्री बनाने का काम जल्द शुरू होगा। रामबाग चौराहे जैसी फ्री-लेफ्ट टर्न व्यवस्था अन्य मार्गों और प्रमुख चौराहों पर भी लागू किया होगी।