
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (फोटो-पत्रिका)
जयपुर। राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को नई गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री थार सीमा विकास कार्यक्रम और वाईब्रेंट विलेज प्रोग्राम-।। के तहत राज्य के पांच सीमावर्ती जिलों के 184 रणनीतिक गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और समग्र विकास के लिए प्रत्येक गांव पर प्रतिवर्ष 3 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और मजबूत बनाना है।
चयनित गांवों में सबसे अधिक श्रीगंगानगर जिले के 68 गांव शामिल किए गए हैं। इसके बाद बीकानेर जिले के 46 गांव, बाड़मेर जिले के 36 गांव, जैसलमेर जिले के 30 गांव और फलौदी जिले के 4 गांवों को रणनीतिक गांव के रूप में चुना गया है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि सीमा क्षेत्र में बसे गांवों के विकास को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने व्यापक स्तर पर योजना तैयार की है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं योजना की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं और अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। सरकार का मानना है कि सीमावर्ती गांवों का विकास केवल सुविधाएं बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थानीय लोगों के आत्मविश्वास से भी जुड़ा विषय है।
योजना के तहत चयनित गांवों में सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, बिजली, टेलीविजन और दूरसंचार सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही रोजगार सृजन, पर्यटन विकास, सांस्कृतिक गतिविधियां, युवा सशक्तिकरण, कौशल विकास, वित्तीय समावेशन, स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
वर्तमान में चयनित 184 गांवों में से 123 गांवों में विकास कार्यों की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इन गांवों में 232 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 515 विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार लाने पर फोकस किया जा रहा है।
योजना के अंतर्गत सीमा क्षेत्रों के 3,195 गांवों में सड़क, दूरसंचार, टेलीविजन कनेक्टिविटी और विद्युत सुविधाओं को मजबूत करने पर भी काम किया जाएगा। सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के साथ विश्वास और सामाजिक जुड़ाव बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रशिक्षण शिविरों, सामुदायिक बैठकों और जागरूकता अभियानों का आयोजन भी करेगी।
योजना के प्रभावी संचालन के लिए केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर समन्वय तंत्र तैयार किया गया है। ग्राम प्रोफाइल सत्यापन, योजना निर्माण और विकास प्रस्तावों की पूरी प्रक्रिया डिजिटल पोर्टल के जरिए संचालित की जा रही है। इससे कार्यों में पारदर्शिता और गति आने की उम्मीद है।
Updated on:
27 May 2026 06:15 pm
Published on:
27 May 2026 05:55 pm
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