6 जून 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान में लागू हो सकता है 4 Day Work Week, बड़ी तैयारी में जुटी भजनलाल सरकार, जानें पूरा मामला

Rajasthan 4 Day Work Week: देश में गहराते ईंधन संकट और ऊर्जा बचत की जरूरत के बीच राजस्थान सरकार कर्मचारियों के लिए फोर-डे वीक, सीमित वर्क फ्रॉम होम और सरकारी वाहनों में कटौती जैसे विकल्पों पर गंभीरता से मंथन कर रही है।

2 min read
Google source verification
cm bhajan lal sharma

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा : फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan 4 Day Work Week: जयपुर। देश में गहराते ईंधन संकट और ऊर्जा बचत की जरूरत के बीच राजस्थान सरकार बड़े प्रशासनिक बदलावों की तैयारी में जुट गई है। सरकार कर्मचारियों के लिए फोर-डे वीक, सीमित वर्क फ्रॉम होम और सरकारी वाहनों में कटौती जैसे विकल्पों पर गंभीरता से मंथन कर रही है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो प्रदेश की प्रशासनिक कार्यशैली में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

सूत्रों के मुताबिक वित्त विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग स्तर पर इस संबंध में लगातार विचार-विमर्श चल रहा है। सरकार यह आकलन कर रही है कि सप्ताह में एक दिन वर्क फ्रॉम होम लागू किया जाए या फिर करीब 30 फीसदी कर्मचारियों को घर से काम करने (फर्क फ्रॉम होम) की अनुमति दी जाए, ताकि ईंधन की बचत के साथ सरकारी कामकाज भी प्रभावित न हो।

दरअसल, अधिकांश विभागों में अब ऑनलाइन फाइल सिस्टम के जरिए कामकाज हो रहा है। ऐसे में सीमित स्टाफ के साथ भी कार्य संचालन संभव माना जा रहा है। इसी कारण विभागवार कर्मचारियों और वाहनों का डेटा जुटाया जा रहा है।

रोजाना वाहनों में 30 फीसदी की हो सकती है कटौती

सरकार केवल कर्मचारियों की आवाजाही ही नहीं, बल्कि सरकारी वाहनों के उपयोग पर भी नियंत्रण की तैयारी में है। राजकीय और टैक्सी अटैच वाहनों के बेड़े में करीब 30 फीसदी तक कटौती का प्रस्ताव भी चर्चा में बताया जा रहा है। अनावश्यक वाहन उपयोग, लंबे काफिलों और सरकारी रैलियों को सीमित करने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी दे रहे ईंधन बचत का संदेश

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को विभागों में ईंधन बचत के प्रभावी उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं। किसानों से जुड़ा प्रस्तावित ग्राम-2026 महाकुंभ भी पहले ही स्थगित किया जा चुका है। इसके अलावा कृषि विभाग ने अपनी सेमिनार व अन्य बड़े आयोजन स्थगित कर दिए हैं।

देखने को मिलेगा हाइब्रिड प्रशासनिक वर्क मॉडल

सरकार अब सार्वजनिक परिवहन और सामूहिक यात्रा को बढ़ावा देने की रणनीति पर भी काम कर रही है। सामाजिक आयोजनों और सरकारी कार्यक्रमों में सादगी अपनाने का संदेश दिया जा रहा है। आमजन से भी अनावश्यक वाहन उपयोग और फिजूलखर्ची से बचने की अपील की जा रही है। जल्द आदेश जारी होते हैं तो प्रदेश में पहली बार बड़े स्तर पर हाइब्रिड प्रशासनिक मॉडल देखने को मिल सकता है। इससे कर्मचारियों की दैनिक आवाजाही कम होगी, ईंधन की बचत होगी और सरकारी खर्चों में भी कमी आने की संभावना है।