
जयपुर। जयपुर मेट्रो के फेज-2 का पहला पैकेज (प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गोशाला तक) अगले दो वर्ष में पूरा हो जाएगा। यानी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले फेज-2 के एक हिस्से में मेट्रो का संचालन शुरू हो जाएगा। करीब 10 किमी में काम समय से पूरा हो, इसके लिए सरकार के स्तर पर निगरानी भी की जाएगी। इस पैकेज में 10 स्टेशन बनना प्रस्तावित हैं। सवाई मान सिंह स्टेडियम के इंडोर हॉल में कार्यक्रम के दौरान नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि मई-जून, 2028 तक काम पूरा करेंगे। इससे शहरवासियों को आवागमन की सौगात मिल जाएगी।
खर्रा ने कहा कि जयपुर मेट्रो फेज-2 का निर्माण चार चरणों में पूरा किया जाएगा। वर्ष 2031 तक पूरी परियोजना को पूरा किया जाएगा। फेज-2 के मेट्रो स्टेशन को हैरिटेज लुक में बनाया जाएगा। इन सभी स्टेशन पर समृद्ध शिल्पकला और पारम्परिक वास्तुकला के दर्शन होंगे।
मंत्री ने मेट्रो स्टेशन के आस-पास ट्रांजिट ओरिएंटेड डवलपमेंट की (टीओडी) की बात भी कही। उन्होंने कहा कि इन स्टेशन के पास बहुमंजिला इमारतें बनाई जाएंगी। गौरतलब है कि पूर्व में जेडीए पांच टीओडी नीति के तहत पांच कॉरिडोर बना चुका है। पांच प्रमुख रास्तों पर हाईराइज इमारतें बन सकेंगी।
पहला पैकेज: प्रहलादपुरा से पिंजरापोल
दूसरा पैकेज: सांगानेर पुलिस स्टेशन और एयरपोर्ट (दो भूमिगत स्टेशन)
तीसर पैकेज: एयरपोर्ट से खासा कोठी तक
चौथा पैकेज: खासाकोठी से टोडी मोड़ तक
कार्यक्रम स्थल परिसर में मेट्रो फेज-2 का मॉडल दिखाया गया था। इसमें पूरा 41 किमी का रूट दिखाया गया और सभी स्टेशन भी दिखाए गए थे। कार्यक्रम में आने वाले लोग इसे देख रहे थे।
पैकेज 1 का काम शुरू हो गया है। सॉइल टेस्टिंग के बाद पाइलिंग का काम शुरू हो गया है। शेष तीन पैकेज का मेट्रो प्रशासन ने निविदा जारी की है। अगस्त तक टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। मेट्रो अधिकारियों की मानें तो सितम्बर से काम चारों पैकेज का शुरू होगा।
कार्यक्रम स्थल पर जिले भर से बड़ी संख्या में कार्मिक पहुंचे। पूर्व मुख्यमंत्री सहित अन्य अतिथियों ने खुशी सैनी, पूजा मीणा, संजू कुमार मीणा, मोनिका रैगर, राम लाल मीणा और स्वीटी वर्मा को नियुक्ति पत्र सौंपे। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता, जयपुर मेट्रो के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक वैभव गालरिया, संभागीय आयुक्त जयपुर वी. सरवन कुमार, कलक्टर संदेश नायक आदि मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान उस समय अजीब स्थिति हो गई, जब उम्मीद के मुताबिक कार्यक्रम स्थल पर भीड़ ही नहीं पहुंची। मुख्य स्टेज के सामने कुर्सियां खाली पड़ी थी। ऐसे में प्रशासन सक्रिय हुआ और सीटों पर बैठे लोगों को कुर्सियों पर बैठाया गया। थोड़ी देर बाद लोगों ने जाना शुरू कर दिया तो गेट बंद कर पुलिस ने लोगों को रोकने का भी प्रयास किया।