जयपुर

चर्चित नीरज शर्मा हत्याकांड; परिजन के गंभीर आरोप-बलराम के प्रभाव में बदल गया था आयुषी का व्यवहार

Jaipur Neeraj Sharma murder case : चर्चित नीरज शर्मा हत्याकांड में मृतका के परिजन ने एक बार फिर संपत्ति विवाद और सुनियोजित साजिश के आरोप दोहराते हुए मुख्य आरोपी रवि उर्फ बलराम की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
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Jul 12, 2026
Jaipur Crime
Jaipur Crime: आरोपी बेटी आयुषी और मृतका मां (फोटो-पत्रिका)

Jaipur Neeraj Sharma murder case : जयपुर। चर्चित नीरज शर्मा हत्याकांड में मृतका के परिजन ने एक बार फिर संपत्ति विवाद और सुनियोजित साजिश के आरोप दोहराते हुए मुख्य आरोपी रवि उर्फ बलराम की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। परिजनों का कहना है कि बलराम ने पहले परिवार का विश्वास जीता और बाद में संपत्ति पर कब्जे की नीयत से घटनाक्रम को अंजाम दिया। आरोपी के अब तक गिरफ्तारी से बाहर रहने पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश जारी है और उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

अधिवक्ता का आरोप

परिवार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता चन्द्रप्रकाश ने कहा कि बलराम पढ़ाई में कमजोर और बेरोजगार था। नीरज शर्मा के पति विजय वशिष्ठ ने उसकी एलएलबी की पढ़ाई पूरी करवाने में मदद की थी। इसके बावजूद उसका उद्देश्य परिवार की संपत्ति पर कब्जा करना था। अधिवक्ता ने आशंका जताई कि विजय वशिष्ठ की मृत्यु भी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी और इस पहलू की गहन जांच होनी चाहिए। उनका दावा है कि विजय वशिष्ठ अस्पताल में उपचार के बाद स्वस्थ हो गए थे, ऐसे में उनकी मौत की पुनः जांच आवश्यक है।

'पहले मिलनसार थी आयुषी'

परिजन के अनुसार, आयुषी शर्मा का स्वभाव पहले बेहद मिलनसार था। वर्ष 2025 में बलराम के संपर्क में आने के बाद उसके व्यवहार में बड़ा बदलाव दिखा। एलएलबी द्वितीय वर्ष की छात्रा आयुषी पढ़ाई से दूर होती गई और परिवार से दूरी बनाने लगी। करीब एक वर्ष से वह अपनी मां के साथ नहीं रह रही थी और बलराम के साथ रह रही थी। आरोप है कि उसे परिवार की संपत्ति हड़पने की साजिश का हिस्सा बनाया गया। परिजन ने यह भी आरोप लगाया कि नीरज शर्मा को जूस में जहर देकर मारने का प्रयास किया गया था। सरकारी नौकरी जैसे प्रलोभन दिए गए थे। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

मामा की मांग

आयुषी के मामा राकेश शर्मा ने कहा कि उन्होंने अपनी एफआइआर में शुरुआत से ही हत्या की आशंका जताई थी। उनका आरोप है कि एक ही परिवार के कई लोगों के नाम सामने आए, लेकिन मुख्य आरोपी बलराम अब तक फरार है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 5 जुलाई को मोहन को हिरासत में लिया गया था, तब बलराम के खिलाफ तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई। राकेश शर्मा ने मामले की निष्पक्ष जांच और फरार आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।

पुलिस का बयान

एसीपी हरिशंकर शर्मा ने बताया कि रवि उर्फ बलराम की तलाश के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और जांच तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

Updated on:
12 Jul 2026 06:47 am
Published on:
12 Jul 2026 06:47 am