
Jaipur : जयपुर. न्यू सांगानेर रोड पर गुरुवार को अपने घर-दुकान बचाने के लिए दिनभर सड़क पर उतरे लोगों की आवाज आखिरकार जेडीए और उच्च स्तर तक पहुंची। इसका असर यह हुआ कि शुक्रवार सुबह सात बजे चलने वाले बुलडोजर पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। जेडीए अधिकारियों के अनुसार, हाईकोर्ट में अगली सुनवाई तक कार्रवाई स्थगित कर दी गई है।
दिनभर विरोध, आक्रोश और प्रभावितों के आंसुओं के बीच शाम को मिली यह अंतरिम राहत फिलहाल सैकड़ों व्यापारियों और स्थानीय लोगों के लिए बड़ी राहत है। हालांकि, लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। नई कार्रवाई की तारीख अब उच्च स्तर पर तय होगी।
दिनभर न्यू सांगानेर रोड जयपुर पर गुस्सा रहा। व्यापारी और स्थानीय निवासी सड़क पर उतरे। जेडीए के खिलाफ नारेबाजी की और पुतला तक जलाया गया। इस दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी ने अपने गले में चुन्नी से फंदा डाल लिया और बोली कि मेरा घर टूटा तो मैं आत्महत्या कर लूंगी।
प्रभावित लोगों का कहना था कि त्योहारी सीजन से ठीक पहले घर-दुकान टूटे तो वे सड़क पर आ जाएंगे। प्रदर्शन के दौरान कई परिवारों की आंखों से आंसू निकल आए। व्यापारियों ने भी कार्रवाई का विरोध किया। लोगों का कहना था कि पहले दस्तावेज, पट्टे और आपत्तियों की स्थिति साफ हो, उसके बाद ही कोई कठोर कदम उठाया जाए।
मामले में जेडीए को कुल 124 आपत्तियां मिली हैं। जोन अधिकारियों के अनुसार, इनमें से 89 आपत्तियां निगम को भेजी गई हैं, जबकि 35 मामले जेडीए की प्रवर्तन शाखा के पास हैं। हालिया सुनवाई में भी जेडीए ने आपत्तियों की जांच और शेष हिस्से में कार्रवाई के लिए समय मांगा था।
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए विधायक गोपाल शर्मा पहुंचे और प्रभावितों से बातचीत की। विधायक ने कहा कि हाईकोर्ट में अगली तारीख पर सरकार इस पूरे विषय पर पक्ष रखेगी और स्थानीय मुद्दे के बारे में भी जानकारी देगी। इसी दौरान प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों ने विधायक का विरोध भी किया। विधायक के वहां से जाने के बाद पूर्व पार्षद दशरथ सिंह समेत कई कांग्रेस नेता-समर्थक पहुंचे और उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।