तारों की कूट, सूर्य नगर के श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में 6 दिवसीय श्रीमद् जिनेन्द्र शांतिनाथ, पंचमेरु - नंदीश्वर जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का रविवार को घटयात्रा एवं ध्वजारोहण के साथ आगाज हुआ।
जयपुर. राजधानी जयपुर में तारों की कूट, सूर्य नगर के श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में 6 दिवसीय श्रीमद् जिनेन्द्र शांतिनाथ, पंचमेरु - नंदीश्वर जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का रविवार को घटयात्रा एवं ध्वजारोहण के साथ आगाज हुआ। मुनि समत्व सागर, मुनि शील सागर ससंघ, गणिनीआर्यिकानंगमति माताजी एवं क्षुल्लिकापदममति माताजी के सान्निध्य में हो रहे 6 दिवसीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होने पहुंच रहे हैं।
समिति के अध्यक्ष ईजी. नवीन जैन एवं मंत्री धनेश सेठी ने बताया कि प्रतिष्ठाचार्य पं. धर्म चन्द शास्त्री एवं सह प्रतिष्ठाचार्य जिनेश भैय्या के निर्देशन में आज सुबह 7.00 बजे मंदिर से श्री जी को लेकर पंचकल्याणक स्थल हस्तिनापुर तक बैंड बाजों के साथ घट यात्रा, ध्वज यात्रा एवं रथ यात्रा निकाली गई। यात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई हस्तिनापुर नगरी पहुंची जहां डाॅ .राजेश-मंजू जैन परिवार की ओर से ध्वजारोहण कर महोत्सव का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर कैलाश-पुष्पा काला परिवार ने हस्तिनापुर नगरी पांडाल का उद्घाटन किया। श्री जी को मंच पर विराजमान करने के बाद राजेन्द्र-कमला टोडरका परिवार ने चित्र अनावरण किया, जबकि ओम प्रकाश, अजय छाबड़ा ने दीप प्रज्ज्वलन किया। मनोरमा देवी, मनोज ठोलिया परिवार द्वारा नांदी मंगल कलश स्थापना की गई।
प्रचार प्रभारी विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि सुबह मुनि के मंगल प्रवचन हुए। इसके बाद मेट्रो एन्क्लैव पर बनाई गई हस्तिनापुर नगरी में गर्भ कल्याणक पूर्व रूप की क्रियाएं हुई। इसके बाद मंदिर वेदी शुद्धि संस्कार हुए। दोपहर में भगवान के माता-पिता बने राजेश-अंजू पापड़ीवाल एवं सौधर्मइन्द्र नीरज-सुप्रिया जैन के नेतृत्व में सकलीकरण, जाप्यानुष्ठान हुआ। शाम को गुरु भक्ति, आरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
मुख्य समन्वयक सुरेश बाकलीवाल एवं समन्वयक धनराज जैन ने बताया कि सोमवार को गर्भ कल्याणक उत्तर रूप की क्रियाएं होंगी। जिसमें प्रातः नित्याभिषेक, शांतिधारा, याग मण्डल विधान पूजा, मुनि के मंगल प्रवचन, दोपहर में शांति हवन, नवग्रह हवन, जल हवन, माता की गोद भराई शाम को इन्द्र दरबार, कुबेर की ओर से रत्न वर्षा, सोलह स्वप्न दिखाए जाएंगे। इसके अगले दिन मंगलवार को जन्म कल्याणक मनाया जाएगा।