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राजधानी जयपुर के भांकरोटा थाना इलाके में चरवाहे की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि मृतक की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके साथी ने ही की थी। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों के बीच भेड़ों के पहरे (रखवाली) को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद ने इतना तूल पकड़ लिया कि आरोपी ने लाठी और पत्थर से पीट-पीटकर चरवाहे की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी हरदेव को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी और मृतक के बीच दो दिन पहले ही भेड़ों के पहरे को लेकर झगड़ा हुआ था। रात को पहरे के दौरान कौन पहले सोएगा और कौन बाद में, इस बात को लेकर दोनों भिड़ पड़े थे। लेकिन उस समय उन दोनों के बीच समझौता हो गया था। लेकिन उसके बाद फिर से दोनों के बीच परसों रात, जब दोनों पहरा दे रहे थे, फिर से झगड़ा हुआ। झगड़े के दौरान आरोपी हरदेव ने लाठी से मृतक पर हमला कर दिया। लेकिन वह चोट सिर पर और ज्यादा तेज लगने की वजह से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
रविवार सुबह महपुरा गांव के जयसिंहपुरा स्थित बीड़ की ढाणी के पास एक चरवाहे का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलते ही भांकरोटा थाना पुलिस, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचे। मृतक की पहचान दूदू के मौजमाबाद क्षेत्र के गुढ़ा साईपुरा निवासी 46 साल के कालूराम बागरिया के रूप में हुई। उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले थे, जिसके बाद पुलिस ने शुरुआत से ही हत्या की आशंका जताई थी।
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने कालूराम के साथ रेवड़ में मौजूद उसके साथी हरदेव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। पुलिस को उसके बयान संदिग्ध लगे थे। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, एफएसएल की रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ीं। आखिरकार आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और हत्या की वजह भी सामने आ गई।
Updated on:
27 Jul 2026 05:28 pm
Published on:
27 Jul 2026 05:27 pm
