Chetna Rescue Update live: सुरक्षा और अन्य कारणों के चलते चुनिंदा लोगों को ही टनल के नजदीक तक जाने की अनुमति है, बाकि मीडिया और अन्य लोगों को दूर कर दिया गया है।
Chetna Rescue Update live: कोटपूतली के किरतपुर गांव पर सबकी नजर है। सब यही चाहते हैं कि चेतना लौट आए…। मां धोली देवी और परिवार की आंखों से आंसू सूख गए हैं, सब बच्ची के सकुशल लौटने का इंतजार कर रहे हैं। दिल्ली, हरियाणा से टीमें आकर जान बचाने की कोशिश में जुटी हुई हैं। माना जा रहा है आज यह रेस्क्यू पूरा हो सकता है। अब चेतना तक पहुंचने के लिए आठ फीट की एक टनल खोदी जानी है जो मैन्युअली पूरी की होगी। सुरक्षा और अन्य कारणों के चलते चुनिंदा लोगों को ही टनल के नजदीक तक जाने की अनुमति है, बाकि मीडिया और अन्य लोगों को दूर कर दिया गया है।
आठ फीट की खुदाई के लिए दस लोगों की टीम
बताया जा रहा है कि पाइलिंग मशीन से गहरी खुदाई करने के बाद अब बच्ची तक पहुंचने के लिए एक आठ फीट की टनल बनाने की तैयारी शुरू की है जो आज सवेरे दस बजे से स्टार्ट हुई है। इसमें एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवान दो-दो का गु्रप बनाकर फावड़े और अन्य औजार से खुदाई करते हुए बच्ची तक पहुंचेंगे। हांलाकि बच्ची का मूवमेंट करीब चार दिन से नहीं दिख रहा है। उस पर कैमरों से नजर रखी जा रही है। माना जा रहा है कि सब कुछ सही रहा तो आज दोपहर बाद तक बच्ची को निकाल लिया जाएगा। बच्ची को बचाने के लिए कई देसी जुगाड़ भी काम में लिए गए, लेकिन सारे व्यर्थ रहे।
संसाधन पूरे लेकिन उपयोग अधूरा… सही समय पर निर्णय नहीं ले पाए अधिकारी
रेस्क्यू आपरेशन को पूरा करने करने के लिए मौके पर दो पाईलिंग मशीन, दो उच्च क्षमता वाली क्रेन, चार जेसीबी मशीन, दर्जनों ट्रेक्टर-टॉलिया, एनडीआरफ और एसडीआरफ के तीन दर्जन के आसपास जवान मौजूद है। इतनी व्यवस्थाओं के बावजूद इस ऑपरेशन में अभी तक कोई सफलता नही मिल पाई है अब यह आपरेशन राजस्थान का सबसे लंबा चलने वाला ऑपरेशन बन चुका है। परिवार का आरोप है कि सही समय पर सही निर्णय नहीं लिया गया इस कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी हुई।