-राजधानी के दोनों निकायों को नए सिरे से करनी होगी तैयारी क्योंकि सफाई के साथ पानी और सीवरेज को भी करना होगा दुरुस्त
अश्विनी भदौरिया
जयपुर। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 में स्वच्छता सर्वेक्षण के मानकों में बदलाव किया गया है। अंकों में भी बढ़ोत्तरी की गई है और जनता की भागीदारी को और बढ़ाया गया है। सिटीजन फीडबैक का समय भी बढ़ाया गया है। तैयारियों को परखने के लिए फरवरी में टीम आएगी और एक जनवरी से 28 फरवरी तक लोग स्वच्छता से संबंधित जानकारी दे सकेंगे। ऐसे में राजधानी के दोनों निकायों को नए सिरे से तैयारी करनी होगी। प्रेरक दौड़ में प्लेटिनम से लेकर कॉपर श्रेणी के सम्मान निर्धारित किए गए हैं। स्थानीय अधिकारियों की मानें तो सर्वेक्षण का द्वितीय चरण तो पुराने मापदंडों पर होगा। नवम्बर से जनवरी तक का सर्वेक्षण नए मानदंडों के आधार पर किया जाएगा। इतना ही नहीं, इस बार साफ पानी और सीवरेज सिस्टम को भी निकायों को दुरस्त करना होगा।
ऐसे अंक किए हैं निर्धारित
श्रेणी अंक
सर्विस लेवव प्रोग्रेस- 3000
सिटीजन वॉयस- 2250
सर्टिफिकेशन- 2250
95 फीसदी वार्डों में संग्रहण तो प्लेटिनम सम्मान
राजधानी के दोनों निकायों को घर-घर कचरा संग्रहण प्रणाली का प्रभावी बनाना होगा। 95 फीसदी वार्डों में कचरा संग्रहण की व्यवस्था बेहतर होने पर प्लेटिनम सम्मान मिलेगा। वहीं, 85 फीसदी से अधिक पर गोल्ड, 75 फीसदी से अधिक पर सिल्वर, 65 फीसदी से अधिक पर ब्रॉन्ज अैर 50 फीसदी से अधिक पर कॉपर सम्मान निकाय को दिया जाएगा।
अभी ये हाल: हैरिटेज और ग्रेटर नगर निगम में 50 फीसदी वार्डों में गीला सूखा कचरा अलग-अलग नहीं किया जा रहा है। जबकि, 2017 से शहर में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का काम निजी हाथों में है। इसके लिए निगम प्रति माह सात करोड़ रुपए भी खर्च करता है।
ये भी जरूरी
-वाटर बॉडी को अतिक्रमण मुक्त रखना होगा।
-डम्पिंग साइट का सौंदर्यन करना होगा।
ऐसे ले सकेंगे शहरवासी हिस्सा
सिटीजन वॉइस को इस बार व्यापक बनाया गया है। एक जनवरी से 28 फरवरी तक लोग इसमें हिस्सा ले सकेंगे। 10 सवालों के जवाब लोगों को देने होंगे। इसमें वेबसाइट, स्वच्छता सर्वेक्षण एप, हेल्पलाइन 1969, क्यूआर कोड के जरिए, एसएस-2022, स्वच्छता एप के अलावा दिल्ली से आने वाली टीम भी सीधे लोगों से फीडबैक लेगी।
पिछले चार सर्वेक्षण में जयपुर का स्थान
2017- 215वां
2018- 39वां
2019- 44वां
2020- 28वां
2021- अभी परिणाम नहीं आया है। पहली बार राजधानी में स्वच्छता सर्वेक्षण की दो रैंक आएंगी।