जयपुर

Jaipur: निम्स अस्पताल में लगी आग से मची अफरा-तफरी, धुएं के बीच मरीजों को लेकर बाहर भागे परिजन; खुले में गुजरी रात

NIMS Hospital Fire: चंदवाजी कस्बे के समीप जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित निम्स अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार देर रात करीब 11 बजे अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई।
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Sep 26, 2026
Jaipur NIMS Hospital Fire
Jaipur NIMS Hospital Fire

चंदवाजी (जयपुर)। जयपुर-दिल्ली हाईवे स्थित निम्स अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार देर रात करीब 11 बजे अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। ग्राउंड फ्लोर स्थित ऑपरेशन थिएटर की छत की फॉल सीलिंग में आग लगने से ओटी और एमआईसीयू क्षेत्र में धुआं भर गया। धुआं उठते ही अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों में हड़कंप मच गया। तीमारदार मरीजों को संभालते हुए वार्ड और आईसीयू से बाहर निकलने लगे। अस्पताल प्रबंधन ने भी सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए मरीजों को बाहर निकालना शुरू किया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।

प्रबंधन भागता रहा, परिजनों ने मरीजों को बाहर निकाला

आग लगने और धुआं उठने के बाद मरीजों की जान सांसत में आ गई, अस्पताल प्रबंधन के बचाव कार्य करने से पहले ही परिजन उन्हें सुरक्षित खुले में ले गए। इसके बाद पुलिस ने आकर बचाव कार्य संभाला और मरीजों को बार निकालने में मदद की। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन भी इधर-उधर भागता रहा लेकिन आपदा प्रबंधन के उचित उपाय नहीं होने से समय पर राहत नहीं मिल सकी। देर रात तक गंभीर मरीजों को अस्पताल से बाहर खुले में रात बितानी पड़ी।

पुलिस और अस्पतालकर्मियों ने संभाला मोर्चा

आग की सूचना मिलते ही चंदवाजी थाना प्रभारी राजवीर सिंह पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने अस्पताल के अंदर जाकर मरीजों को बाहर निकालने में मदद की। थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी मुंह पर कपड़ा बांधकर धुएं से भरे हिस्से में पहुंचे और मरीजों को सुरक्षित बाहर लाए। अस्पताल प्रबंधन और पुलिसकर्मियों की मदद से मरीजों को इमरजेंसी के बाहर शिफ्ट किया गया। समय रहते मरीजों को बाहर निकाल लिए जाने से बड़ी जनहानि टल गई। आग से हुए नुकसान और इसके वास्तविक कारण का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

फायर सेफ्टी इंतजामों पर उठे सवाल

घटना के दौरान अस्पताल की आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए। फायर सेफ्टी उपकरण नाकाफी साबित हुए और स्थिति को चंदवाजी थाना पुलिस ने संभाला। थाना प्रभारी राजवीर सिंह ने पुलिसकर्मियों के साथ मोर्चा संभाला और मुंह पर कपड़ा बांधकर अंदर जाकर मरीजों को बाहर निकाला। घटना ने अस्पताल में आपदा से निपटने की तैयारियों की स्थिति सामने ला दी।

Updated on:
26 Sept 2026 07:33 am
Published on:
26 Sept 2026 07:20 am