
Peepal Tree Relocation: जयपुर में पर्यावरण संरक्षण की एक अच्छी और अनूठी पहल देखने को मिली है। आगरा रोड पर स्थित पुरानी चुंगी के पास एक खाली प्लॉट में करीब 15 फीट ऊंचा पीपल का पेड़ लगा हुआ था। जहां आमतौर पर निर्माण कार्य या खाली प्लॉट की सफाई के दौरान पेड़ों को काट दिया जाता है, वहीं इस बार एक स्थानीय नागरिक ने ऐसा करने के बजाय पेड़ को बचाने का फैसला लिया। उसने खुद वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरी सावधानी के साथ पीपल के पेड़ को जड़ सहित निकालकर दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया। इस पहल की स्थानीय लोग भी सराहना कर रहे हैं, क्योंकि इससे एक बड़ा पेड़ कटने से बच गया।
जानकारी के अनुसार, यह पीपल का पेड़ स्थानीय निवासी राजेश के खाली प्लॉट में लगा हुआ था। प्लॉट पर काम की जरूरत थी, जिसके चलते पेड़ को वहां से हटाने की जरूरत थी। राजेश ने पेड़ को काटने की बजाय उसे बचाने का रास्ता चुना। उन्होंने खुद वन विभाग से संपर्क किया और पेड़ को दूसरी जगह शिफ्ट करने का अनुरोध किया। उनकी इस पहल के बाद वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई की। वन विभाग की टीम ने पहले मौके का निरीक्षण किया और फिर तय किया कि पेड़ को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह लगाया जा सकता है। इसके बाद पूरी प्रक्रिया शुरू की गई।
वन विभाग की टीम ने पूरी सावधानी के साथ करीब 15 फीट ऊंचे पीपल के पेड़ को उसकी जड़ों सहित निकाला। इसके बाद उसे चूलगीरी स्थित हरीसिंह जी भोमिया के पास चीतलबाड़े क्षेत्र में ले जाकर दोबारा लगाया गया। इस पूरी प्रक्रिया में रेंजर विजयपाल यादव, राजकिशोर योगी, यशपाल शर्मा और शुभम सैनी की अहम भूमिका रही। टीम ने यह सुनिश्चित किया कि पेड़ की जड़ों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे, ताकि वह नई जगह पर भी आसानी से लगाया जा सके।
इस तरह की पहल लोगों को यह सोचने को प्रेरित किया है कि जरूरत पड़ने पर पेड़ों को काटना ही एकमात्र रास्ता नहीं होता।