
यू-टर्न में घुमाव के दौरान फंसा कंटेनर (पत्रिका फोटो)
जयपुर: जेडीए ने यू-टर्न इस दावे के साथ शुरू किया कि वाहन चालकों को बार-बार सिग्नल पर रुकना नहीं पड़ेगा, ट्रैफिक सरपट दौड़ेगा, लेकिन पहले ही दिन यू-टर्न ने रफ्तार की जगह उलझन परोस दी। जगतपुरा के हरे कृष्णा मार्ग (महल रोड) पर सोमवार से शुरू यू-टर्न प्रयोग को लेकर जेडीए ने पिछले कई दिनों से तैयारियां की थीं, फिर भी सोमवार को यू-टर्न पर कंटेनर फंस गया। उसे घुमाते समय दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई।
जैसे-तैसे कंटेनर तो निकल गया, लेकिन यू-टर्न व्यस्था की पोल खोल गया। इस दौरान पीछे आ रहे वाहनों को रोकना पड़ा और तैनात गार्डों ने कुछ वाहनों को सीधे आगे भेजा। वहीं, कई वाहन चालक रॉन्ग साइड से जाते दिखाई दिए। इससे जेडीए की तैयारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। राजस्थान पत्रिका रिपोर्टर ने मौके पर यू-टर्न व्यवस्था देखी, जहां हर टर्न पर नई चुनौती नजर आई।
कुछ दिन पहले जेडीए ने यू-टर्न पर ट्रोले को घुमाकर दिखाया था और दावा किया था कि बड़े वाहन आसानी से निकल सकेंगे। उस दौरान ट्रोले को बेहद धीमी गति से निकाला गया था। पहले ही दिन कंटेनर के फंसने से जमीनी स्थिति सामने आ गई।
लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए जेडीए ने अधिकारियों से लेकर गार्ड तक पूरी मशीनरी मैदान में उतार दी। 8 अभियंता और 8 तहसीलदारों को दो पारियों में तैनात किया गया है। 60 गार्ड भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद वाहन चालक कई जगह भ्रमित नजर आए और गलत दिशा में जाते दिखाई दिए।
व्यवस्था के बीच यू-टर्न क्षेत्र में निराश्रित पशु भी घूमते नजर आए। सीमित जगह, धीमी गति से चलते वाहन और पैदल राहगीरों के बीच अचानक पशु सामने आने से वाहन चालकों के लिए अतिरिक्त चुनौती पैदा होती दिखी।
यू-टर्न के घुमाव में पैदल राहगीरों की आवाजाही भी चुनौती बनी। वाहन चालकों को लगातार सामने की ओर देखते हुए चलना पड़ा। राहगीर सामने आने पर गति और कम करनी पड़ी। ऐसे में सिग्नल फ्री मूवमेंट के दावे के बीच यू-टर्न पर वाहनों की गति बेहद धीमी होती दिखाई दी।
यू-टर्न व्यवस्था का उद्देश्य वाहनों को सिग्नल पर रोके बिना आगे बढ़ाना है, लेकिन यू-टर्न लेते समय वाहन की गति बेहद कम होती दिखाई दी। घुमाव, पैदल राहगीर और आगे चल रहे भारी वाहनों के कारण भी कई बार पीछे के वाहनों की गति भी धीमी हुई। अब यह देखना होगा कि लोगों का समय बचता है या नहीं।
ट्रायल के दौरान सिर्फ एक नियंत्रित परिस्थिति में भारी वाहन घुमाना पर्याप्त था या अलग-अलग परिस्थितियों में वास्तविक यातायात के बीच भी इसका परीक्षण किया गया था?
अजय गर्ग, निदेशक, अभियांत्रिकी शाखा
सुरेंद्र पंवार, एक्सईएन, यू टर्न प्रोजेक्ट
Updated on:
22 Sept 2026 09:04 am
Published on:
22 Sept 2026 09:04 am
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