
जीत के बाद अनामिका अपने ससुर के साथ व जश्न मनाते भाजपा कार्यकर्ता। फोटो: पत्रिका
जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय प्रमुखों के चुनाव में बहुमत का गणित कई जगह धरा रह गया। मतदान के दिन अपने ही खेमे के वोट खिसके तो कहीं निर्दलीयों ने पाला बदला। नतीजा यह रहा कि जिस दल के पास बहुमत था, उसके हाथ से कुर्सी निकल गई और कम पार्षदों वाली पार्टी बोर्ड बनाने में सफल रही। भाजपा को कई निकायों में उसके पार्षदों से काफी ज्यादा वोट मिले। सेंधमारी से कांग्रेस परेशान रही।
बता दें कि देर शाम तक 303 निकायों के परिणाम घोषित हुए, जिनमें भाजपा ने 198 और कांग्रेस ने 95 निकायों में अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। वहीं श्रीविजयनगर में मतगणना रुक गई, जबकि सीकर जिले की खाटूश्यामजी नगर पालिका में चुनाव स्थगित करना पड़ा।
अजमेर: निगम में कांग्रेस 37 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी थी। भाजपा के 32 और 11 निर्दलीय पार्षद थे। बहुमत के लिए 41 वोट चाहिए थे। भाजपा की अनामिका शर्मा को 43 वोट मिले। भाजपा 11 वोट ज्यादा लेकर बहुमत तक पहुंची।
बीकानेर: कांग्रेस का 42 पार्षद के साथ स्पष्ट बहुमत था। फिर भी अनिल कल्ला को 50 वोट मिले। निर्दलीय व भाजपा के क्रॉस वोटिंग की आशंका है।
नागौरः भाजपा के 21, कांग्रेस के 15, आरएलपी का 01 और निर्दलीय 23 पार्षद थे। बहुमत का आंकड़ा 31 था। इसके बावजूद भाजपा के संतोष टांक को 55 वोट मिले। कांग्रेस खेमे से क्रॉस वोटिंग की चर्चा रही।
बाड़मेरः भाजपा के 29 पार्षद व 5 निर्दलीय समर्थक थे। भाजपा के गौतमचंद को 35, कांग्रेस के जयमल को 20 वोट मिले। कांग्रेस से 1 वोट भाजपा के पक्ष में जाने का मामला सामने आया।
सिरोही: कांग्रेस के 23, भाजपा के 10 और निर्दलीय दो पार्षद थे। चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को 30 वोट मिले, जबकि भाजपा को 5 वोट। भाजपा के 10 पार्षदों में से 5 उसके प्रत्याशी के पक्ष में नहीं गए। यहां भाजपा खेमे में क्रॉस वोटिंग का असर दिखाई दिया।
बालोतराः भाजपा के 29, कांग्रेस के 23 और तीन निर्दलीय पार्षद थे। इनमें दो निर्दलीय भाजपा के साथ और एक कांग्रेस के साथ था, लेकिन मतदान में भाजपा प्रत्याशी को 30 और कांग्रेस प्रत्याशी को 25 वोट मिले। यानी 1 वोट भाजपा से कम और कांग्रेस को 1 वोट ज्यादा मिला।
अनूपगढ़ः भाजपा के 7 और कांग्रेस के 16 पार्षद थे। भाजपा को 20 और कांग्रेस को 15 वोट मिले। यहां निर्दलीयों के अलावा कांग्रेस का एक वोट भाजपा के पक्ष में गया।
पिण्डवाड़ाः कांग्रेस के 13, भाजपा के 7 और 5 निर्दलीय पार्षद थे। लेकिन भाजपा को 14 और कांग्रेस को 11 वोट मिले। निर्दलीयों के के साथ कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग हुई।
बालोतरा में 7, बाड़मेर में 2, ब्यावर में 5. भरतपुर में 7, डीग में 6, डूंगरपुर में 2, पाली में 10 और फलोदी में 2 निकाय पर भाजपा जीती।
Updated on:
22 Sept 2026 08:08 am
Published on:
22 Sept 2026 08:08 am
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