
Ai Generated Image
जयपुर। न्यू सांगानेर रोड के प्रस्तावित चौड़ीकरण को लेकर व्यापारियों का विरोध तेज हो गया है। सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के विरोध में न्यू सांगानेर रोड व्यापार मंडल ने मंगलवार को बाजार बंद रखने और पैदल मार्च निकालने का निर्णय लिया है। व्यापारियों के अनुसार, गुर्जर की थड़ी से सोडाला-अजमेर रोड तक प्रस्तावित चौड़ीकरण की कार्रवाई से बड़ी संख्या में दुकानें प्रभावित हो सकती हैं। इसी के विरोध में व्यापारी सुबह 11 बजे गुर्जर की थड़ी से पैदल मार्च निकालेंगे। इसके बाद व्यापारियों की ओर से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखी जाएंगी।
न्यू सांगानेर रोड व्यापार मंडल के संरक्षक पवन शर्मा नटराज ने बताया कि चौड़ीकरण की कार्रवाई की जद में 100 से अधिक दुकानों के आने की आशंका है। इससे लंबे समय से कारोबार कर रहे व्यापारियों के सामने दुकान और रोजी-रोटी से जुड़ी बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। व्यापारियों का कहना है कि वे सड़क के विकास और यातायात व्यवस्था में सुधार के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन विकास कार्य की आड़ में व्यापारियों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
मामले में दायर जनहित याचिका में बताया गया है कि मास्टर प्लान के अनुसार सोडाला से गुर्जर की थड़ी तक सड़क की निर्धारित चौड़ाई 100 फीट है। हालांकि, समय के साथ सड़क के दोनों ओर हुए अतिक्रमण और सड़क किनारे होने वाली अवैध पार्किंग के कारण कई हिस्सों में सड़क की वास्तविक उपलब्ध चौड़ाई काफी कम हो गई है। याचिका के अनुसार, कुछ स्थानों पर स्थिति ऐसी है कि 100 फीट चौड़ी सड़क घटकर करीब 30 फीट तक रह गई है। इससे सड़क पर यातायात का दबाव बढ़ने के साथ आवागमन में भी परेशानी होती है। इसी स्थिति को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इसकी जद में आने वाली दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को लेकर व्यापारी विरोध जता रहे हैं।
व्यापार मंडल के रणजीत सिंह सोडाला ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के निर्देश पर किए जाने की बात सामने आ रही है। ऐसे में व्यापारियों का कहना है कि सरकार को मामले में हस्तक्षेप करते हुए प्रभावित दुकानदारों के हितों को भी ध्यान में रखना चाहिए। व्यापारियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि चौड़ीकरण की कार्रवाई से पहले प्रभावित दुकानदारों की समस्याओं का समाधान किया जाए। साथ ही, जिन दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई का असर पड़ सकता है, उनके लिए उचित मुआवजे, वैकल्पिक व्यवस्था और पुनर्वास का प्रबंध किया जाए।
Updated on:
22 Sept 2026 09:48 am
Published on:
22 Sept 2026 09:48 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
