अमेरिका-ईरान युद्ध का असर पहले एलपीजी पर दिखा था, जब सिलेंडर की पैनिक बुकिंग एक ही दिन में पांच गुना तक बढ़ गई। अब ऐसा ही हाल जयपुर शहर में पेट्रोल पंपों पर देखने को मिल रहा है। पंपों पर पेट्रोल की पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) हो रही है और बिक्री में 20 फीसदी तक इजाफा दर्ज किया गया है।
Jaipur Petrol Panic Buying: राजधानी जयपुर में अमेरिका-ईरान युद्ध की आहट के चलते पेट्रोल पंपों पर पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) का माहौल बन गया है। लोग इस चिंता में हैं कि आने वाले दिनों में पेट्रोल मिलेगा या नहीं, इसलिए वे अपनी गाड़ियों के टैंक फुल करवा रहे हैं। इस वजह से जयपुर के पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी है और ईंधन की बिक्री में 20 फीसदी तक का बड़ा उछाल आया है।
हाल ही में ऐसा ही नजारा एलपीजी सिलेंडरों को लेकर भी देखा गया था, जब एक ही दिन में गैस सिलेंडरों की बुकिंग करीब पांच गुना तक बढ़ गई थी। अब वैसी ही स्थिति पेट्रोल को लेकर बन रही है।
अचानक बढ़ी मांग के कारण तेल कंपनियों और पेट्रोल पंपों के सामने एक नया संकट खड़ा हो गया है। मांग और आपूर्ति (डिमांड और सप्लाई) का संतुलन बिगड़ने से पेट्रोल पंप समय से पहले ही 'ड्राई' यानी खाली हो रहे हैं। हालात को संभालने के लिए कंपनियों को पेट्रोल की राशनिंग (सीमित सप्लाई) तक करनी पड़ रही है।
जयपुर जिला पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के महासचिव अमित सरावगी ने स्थिति साफ करते हुए बताया कि पैनिक बाइंग की वजह से पूरी सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इस अचानक आई तेजी के कारण पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
| समय | औसत दैनिक बिक्री (लीटर में) |
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| रविवार तक | लगभग 8,000 लीटर |
| मौजूदा स्थिति | लगभग 10,250 लीटर (सवा दस हजार) |
बिक्री में इस 20% से ज्यादा की बढ़ोतरी का नतीजा यह हो रहा है कि पंपों पर स्टॉक जल्दी खत्म हो रहा है। नया टैंकर आने में जो दो से तीन घंटे का समय लगता है, उस दौरान पंपों को मजबूरी में बंद रखना पड़ रहा है।
पेट्रोल पंपों पर काम करने वाले सेल्समैन का कहना है कि ग्राहकों के व्यवहार में अचानक बड़ा बदलाव आया है। आम दिनों में दोपहिया (टू-व्हीलर) वाहन चालक अमूमन 100 रुपए का और चारपहिया (कार) चालक करीब 1,000 रुपए का पेट्रोल भरवाते थे। अब लोग सीधे गाड़ी का टैंक फुल करवाने की मांग कर रहे हैं।
जब सेल्समैन ग्राहकों से पूछते हैं कि क्या वे कहीं बाहर जा रहे हैं, तो उनका सीधा जवाब होता है कि वे कहीं बाहर नहीं जा रहे, बल्कि बदलते हालातों को देखते हुए एहतियातन टैंक फुल करवा रहे हैं, ताकि भविष्य में परेशानी न हो।