
Jaipur Police Head Constable Arrest: जयपुर में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नेटवर्क का मास्टरमाइंड जयपुर पुलिस का ही एक हेड कॉन्स्टेबल निकला। बिंदायका थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हेड कॉन्स्टेबल सुमेर सिंह को नागौर जिले के लीलिया गांव से गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह लंबे समय से ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क चला रहा था।
पुलिस ने बताया कि 14 जुलाई को सिरसी रोड स्थित एक विला में छापा मारकर दो युवकों को गिरफ्तार किया गया था। दोनों मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट पर Zoom ऐप पर लाइव क्रिकेट मैच के दौरान ऑनलाइन सट्टे की लाइन चला रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जोधपुर के रहने वाले सुनील चौधरी और डीडवाना-कुचामन के रहने वाले शक्ति सिंह के रूप में हुई। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे हेड कॉन्स्टेबल सुमेर सिंह के लिए काम करते थे। वह उन्हें हर महीने 20 से 50 हजार रुपए तक सैलेरी देता था।
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से सुमेर सिंह की लोकेशन ट्रेस की। उस समय वह छुट्टी पर था और नागौर जिले के अपने गांव लीलिया में मौजूद था। पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी फिलहाल जयपुर रिजर्व पुलिस लाइन की सिनेमा शाखा में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात था। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी अलग से की जाएगी।
पुलिस जांच में सामने आया कि सुमेर सिंह ही युवाओं को गांवों से जयपुर बुलाता था, उनके रहने के लिए किराए पर विला दिलवाता था और वहीं से सट्टे का पूरा नेटवर्क चलवाता था। पैसों के लेन-देन का जिम्मा भी वही संभालता था। आरोपी Zoom ऐप के जरिए महाकाल और भवानी नाम की ऑनलाइन आईडी पर सट्टा चला रहे थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से दो लैपटॉप, चार मोबाइल, दो टैबलेट, वाई-फाई राउटर, कैलकुलेटर और करोड़ों रुपए के हिसाब-किताब से जुड़े रजिस्टर जब्त किए।
अब पुलिस सुमेर सिंह के मोबाइल, बैंक खातों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और बाकी डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह कब से इस कारोबार में शामिल था और उसके संपर्क किन-किन सटोरियों से थे। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।