जयपुर: सिरसी रोड पर देर रात अनियंत्रित कार पलटकर लोहे के गेट को तोड़ती हुई बेकरी में घुस गई। हादसे में होटल संचालक की मौत हो गई और एक साथी घायल हो गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजन को सौंप दिया।
जयपुर: सिरसी रोड पर रविवार देर रात सड़क हादसे में कार सवार होटल संचालक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी घायल हो गया। कार में सवार तीन अन्य युवक सुरक्षित हैं। दुर्घटना इतनी जबरदस्त थी कि अनियंत्रित होकर पलटने के बाद कार सड़क किनारे स्थित एक बेकरी के लोहे के गेट को तोड़ती हुई अंदर जा घुसी। करणी विहार थाने के एसआइ ओम प्रकाश ने बताया कि मृतक की पहचान पलसाना (सीकर) निवासी सुरेंद्र सिंह शेखावत (26) के रूप में हुई है, जो सिरसी रोड पर एक होटल चलाते थे।
रविवार रात करीब 12:15 बजे वह अपने चार दोस्तों के साथ कार से 200 फीट बायपास जा रहे थे। इसी दौरान डिवाइडर से बचाने के प्रयास में तेज रफ्तार कार का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। गंभीर हालत में सुरेंद्र सिंह और ड्राइवर अशोक बिश्नोई (निवासी जोधपुर) को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने सुरेंद्र को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजन को सौंप दिया, जिसे लेकर वे पलसाना रवाना हो गए। वहीं, घायल अशोक को प्राथमिक उपचार के बाद सोमवार को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
कार में पांच युवक सवार थे। सुरेंद्र आगे ड्राइवर के पास वाली सीट पर बैठे थे। टक्कर के बाद कार के परखच्चे उड़ गए। चीख-पुकार सुनकर बेकरी के कर्मचारी और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और कार की खिड़कियां तोड़कर उसमें फंसे युवकों को बाहर निकाला।
जयपुर की सड़कों पर पिछले कुछ समय से 'रफ्तार का तांडव' एक गंभीर समस्या बनकर उभरा है। रात के समय खाली सड़कों पर तेज गति से वाहन चलाना और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करना युवाओं के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। पिंक सिटी के प्रमुख इलाकों जैसे जगतपुरा, वैशाली नगर और सिरसी रोड पर आए दिन इस तरह के डरावने सड़क हादसे देखने को मिलते हैं, जहां पलक झपकते ही हंसते-खेलते परिवार उजड़ जाते हैं।
प्रशासन द्वारा बार-बार दी जा रही चेतावनियों और सख्ती के बावजूद, ओवरस्पीडिंग और 'नाइट ड्राइविंग' के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। सड़क पर आपकी थोड़ी सी भी चूक न केवल आपकी बल्कि आपके अपनों की जिंदगी को भी खतरे में डाल सकती है। जरूरत है कि वाहन चालक खुद अपनी जिम्मेदारी समझें और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दें, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी और अनहोनी को रोका जा सके।