
जयपुर. शहर की सड़कें जो कहानी गड्ढों, टूटे फुटपाथों और बदहाल मीडियन के जरिए कह रही थीं, अब वही कहानी एक गोपनीय रिपोर्ट ने दस्तावेजों में दर्ज कर दी है। शहर की सड़कों पर गड्ढों की समस्या कितनी गंभीर है और जेडीए के अभियंता रख-रखाव को लेकर कितने लापरवाह है, इसका खुलासा उपायुक्तों और तहसीलदारों से तैयार कराई इस रिपोर्ट में हुआ है। सूत्रों के अनुसार जेडीसी सिद्धार्थ महाजन के निर्देश पर तैयार इस रिपोर्ट में 203 निरीक्षण किए गए, जिनमें 713 गड्ढे मिले। रिपोर्ट में 194 अलग-अलग सड़कों को शामिल किया गया है। निरीक्षण में टूटे फुटपाथ, क्षतिग्रस्त फेरो कवर, खराब मीडियन, धुंधले रोड मार्किंग और बंद स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याएं भी सामने आई है। रिपोर्ट के आधार पर जेडीसी समीक्षा करेंगे। डीएलपी अवधि की सड़कों को दुरुस्त कराया जाएगा, वहीं अन्य कमियों को भी दूर करने की कार्रवाई होगी। जल्द बैठक बुलाए जाने के साथ लापरवाही बरतने वाले अभियंताओं पर कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।
टेऊराम गोशाला रोड, प्रताप सर्कल से एयरपोर्ट रोड, रजत पथ, मान्यावास रोड और जनपथ (न्यू सांगानेर रोड से किंग्स रोड) सहित शहर की 20 प्रमुख सड़कों पर मीडियन क्षतिग्रस्त मिले। कई स्थानों पर मीडियन 20 जगह तक टूटे हुए पाए गए।
| सड़क/हिस्सा | गड्ढों की संख्या |
|---|---|
| शिकारपुरा रोड (गोविंदपुरा से डिग्गी रोड) | 84 |
| शिकारपुरा रोड (गुलर का बंधा से गोविंदपुरा) | 35 |
| 80 फीट सेक्टर रोड, दक्षिणी बाइपास से निर्मिति अपार्टमेंट होते हुए महल रोड | 30 |
| 80 फीट रोड, टर्मिनल-2 रोड से नेटर रोड | 30 |
| टोंक रोड से जयपुर ग्राम निगम होते हुए टोंक रोड | 23 |
रजत पथ, संसार चंद्र रोड, रेलवे स्टेशन से संजय सर्कल, बेनाड़ रोड बाइपास से सीतावाली फाटक, अजमेर रोड (पुरानी चुंगी से सी-जोन बाइपास) और ज्ञान विहार कॉलेज से हरे कृष्णा मार्ग (महल रोड) तक मीडियन की स्थिति खराब मिली।