जयपुर

नौकर की धमकी- तेरे मालिक को जेल भिजवा देगा, फर्जी FIR-धोखाधड़ी और धमकी मामले में निलंबित RPS अधिकारी रितेश पटेल गिरफ्तार

जयपुर में निलंबित आरपीएस अधिकारी रितेश पटेल को करीब 50 लाख की धोखाधड़ी और धमकी के मामले में गिरफ्तार किया गया। बहाली का झांसा देकर उसने पीड़ित से आरटीजीएस और नकद राशि ली। पैसे लौटाने की मांग पर फर्जी एफआईआर भेजकर डराया।
2 min read
Dec 31, 2025
Ritesh Patel
रितेश पटेल (फोटो- पत्रिका)

RPS officer Ritesh Patel: जयपुर: राजस्थान पुलिस सेवा (आरपीएस) के एक निलंबित अधिकारी द्वारा पद बहाली के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी और धमकी देने का मामला सामने आया है। जांच के बाद महेश नगर थाना पुलिस ने आरोपी आरपीएस अधिकारी रितेश पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर पीड़ित से करीब 49 लाख रुपए हड़पने और पैसे वापस मांगने पर झूठे मुकदमे में फंसाने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप हैं।

डीसीपी (दक्षिण) राजश्री राज ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रितेश पटेल बिलाड़ा निवासी है और वर्तमान में केसर चौराहा, मुहाना रोड क्षेत्र में रह रहा था। इस संबंध में स्वेज फार्म, सोडाला, महेश नगर निवासी अनिंदो बनर्जी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।

बहाली का झांसा देकर ऐंठे रुपए

रिपोर्ट के अनुसार, अनिंदो बनर्जी आरोपी को लंबे समय से जानता था। आपसी विश्वास का फायदा उठाते हुए रितेश पटेल ने खुद के निलंबन हटवाने और दोबारा सेवा में बहाली के लिए एक करोड़ रुपए की जरूरत बताई और रकम लौटाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद पीड़ित ने अलग-अलग खातों में आरटीजीएस के जरिए 24 लाख रुपए जमा करवाए, जबकि 25 लाख रुपए नकद आरोपी के फ्लैट पर दिए।

एक करोड़ नहीं दिए तो दी धमकी

पीड़ित ने बताया कि आरोपी एक करोड़ रुपए की मांग कर रहा था, लेकिन वह 49 लाख रुपए ही दे सका। जब उसने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया और शेष रकम न देने पर झूठी एफआईआर दर्ज कराकर जेल भिजवाने की धमकी देने लगा।

आरोपी ने अपने प्रभाव का हवाला देते हुए पीड़ित के घर पुलिसकर्मी भी भिजवाए, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान रहा। इतना ही नहीं, पीड़ित के नौकर जितेंद्र सिंह गुर्जर को भी फोन कर धमकाते हुए कहा कि तेरे मालिक को जेल भिजवा देगा।

डराने के लिए भेजी फर्जी एफआईआर

अनिंदो बनर्जी को आरोपी ने एसओजी की फर्जी एफआईआर तैयार कर ऑनलाइन भेजी और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाया। जब पीड़ित थाने पहुंचा तो पता चला कि उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज ही नहीं है। जांच में सामने आया कि भेजी गई एफआईआर पूरी तरह फर्जी थी।

सोशल मीडिया पर भी बनाई थी धाक

आरोपी रितेश सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था और हजारों फॉलोवर्स के जरिए अपनी धाक जमाता था। इसी प्रभाव का इस्तेमाल कर वह लोगों को प्रभावित और डराने का प्रयास करता था।

Updated on:
01 Jan 2026 10:51 am
Published on:
31 Dec 2025 02:44 pm