जयपुर

Rajasthan Transport Department : जयपुर आरटीओ प्रथम की बड़ी कार्रवाई, 400 वाहनों के रजिस्ट्रेशन निरस्त, 1100 के किए निलंबित

Rajasthan Transport Department : राजस्थान में परिवहन विभाग में हुए थ्री डिजिट फर्जीवाड़े मामले में जयपुर आरटीओ प्रथम की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है। 400 वाहनों के रजिस्ट्रेशन निरस्त और 1100 वाहनों को निलंबित किया गया है। जानें क्या है मामला?

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वाहन नम्बर की जांच करता अफसर। फोटो पत्रिका

Rajasthan Transport Department : राजस्थान में परिवहन विभाग में हुए थ्री डिजिट फर्जीवाड़े मामले में जयपुर आरटीओ प्रथम की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है। जयपुर में भौतिक सत्यापन नहीं कराने वाले 1100 से अधिक वाहनों का आरसी निलंबित कर दी है। इसके अलावा भौतिक सत्यापन में 400 वाहनों का रिकॉर्ड फर्जी मिला। ऐसे में इन वाहनों की आरसी निरस्त की जाएगी। करीब 600 वाहनाें को ही भौतिक सत्यापन में पास किया गया है।

गौरतलब है कि फर्जीवाड़ा उजागर करने होने के बाद आरटीओ की ओर से जयपुर के सभी थ्री डिजिट नंबरों के वाहन स्वामियों को नोटिस देकर भौतिक सत्यापन के लिए बुलाया गया था। वाहनों के रजिस्ट्रेशन की पुराने रिकॉर्ड से जांच की गई थी।

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जयपुर में 39 के खिलाफ मामला दर्ज

उल्लेखनीय है कि इस मामले में पुराने वीआइपी नंबर और जो नंबर रिकॉर्ड में नहीं थे उन्हें फर्जी दस्तावेज बनाकर और पैसे लेकर जारी कर दिए थे। जयपुर में इस फर्जीवाड़े में लिप्त पाए गए 39 अधिकारी-कार्मिक और बाहरी लोगोें के खिलाफ गांधी नगर थाने में मामला दर्ज करवाया गया है।

परिवहन विभाग ने 31 दिसंबर तक सभी आरटीओ-डीटीओ को दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इतना ही नहीं मामला दर्ज कराने के बाद अधिकारियों से सर्टिफिकेट भी मांगे थे। इस पूरे प्रकरण को राजस्थान पत्रिका ने एक्सपोज किया और बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का खुलासा किया।

सवाल : नया नंबर जारी होगा या नहीं

400 वाहनों की आरसी निरस्त होने के बाद अब इन वाहनों का पुन: रजिस्ट्रेशन किया जाएगा या नहीं, इसको लेकर विभाग निर्णय नहीं ले पा रहा है। ऐसे में जयपुर आरटीओ प्रथम की ओर से विभाग को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है। अगर विभाग पुन: रजिस्ट्रेशन करने की अनुमति नहीं देता है तो ये 400 वाहन सड़क पर नहीं चल सकेंगे।

सरकार को 500 करोड़ की चपत

परिवहन विभाग की ओर से फर्जीवाडे के मामले में गठित जांच कमेटी ने प्रदेश में 10 हजार वीआईपी नंबरों के हेर-फेर की आशंका जताई है। कमेटी ने इस पूरे फर्जीवाडे में सरकार को 500 से 600 करोड़ रुपए की राजस्व हानि का होना भी पाया है। कमेटी रिपोर्ट में बताया गया है कि आरटीओ कार्यालयों में वीआईपी नंबरों को नियम विरुद्ध पंजीयन कर बेच दिया गया। आरसी और आधार सहित अन्य फर्जी दस्तावेजों से वाहनों को बेचा गया है।

आरसी निरस्त की प्रक्रिया शुरू

भौतिक सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पाया गया कि 400 से अधिक वाहनों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर नंबर जारी किए गए। हमने आरसी निरस्त की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
राजेंद्र सिंह शेखावत, आरटीओ प्रथम, जयपुर

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Published on:
18 Jan 2026 09:20 am
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