
Jaipur CJP Workers Attack Update: जयपुर। राजधानी जयपुर के सांगानेर स्थित रामपुरा-कंवरपुरा के सरकारी स्कूल में जायजा लेने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद में अब नया मोड़ आ गया है। सीजेपी नेताओं द्वारा लगाए गए मारपीट और पथराव के आरोपों को ग्रामीणों ने सिरे से खारिज कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कोई हिंसा नहीं की, बल्कि कार्यकर्ताओं ने खुद अपनी गाड़ियों में तोड़-फोड़ कर अनर्गल आरोप लगाए हैं।
मामले को लेकर स्थानीय निवासी जुगल किशोर शर्मा ने सीजेपी के आरोपों पर कहा कि हमने किसी पर हमला नहीं किया। सीजेपी के लोग अपने साथ 200 से 250 लोगों को लेकर आए थे। हमने उनसे बिल्कुल शांति से बात की, लेकिन उन्होंने खुद ही अपनी गाड़ियों के कांच फोड़ लिए। वे कह रहे हैं कि वे स्कूल की मरम्मत कराने आए थे, लेकिन हमारे स्कूल का काम स्थानीय विधायक कराएंगे। इसके लिए 12 लाख रुपए का बजट पहले ही स्वीकृत हो चुका है। हमने विरोध सिर्फ इसलिए किया क्योंकि हम गांव के स्कूल में बीजेपी और कांग्रेस के अलावा किसी अन्य दल को यहां नहीं आने देंगे। इस पूरे घटनाक्रम से मेरी पत्नी इतनी डर गई हैं कि घर से बाहर तक नहीं निकल रही है।
वहीं, गांव की महिला अनु शर्मा ने बताया कि सीजेपी कार्यकर्ता स्कूल भवन को नुकसान पहुंचाने की नीयत से आए थे। उन्होंने कहा कि हम सबने उनका विरोध इसलिए किया क्योंकि वे इस स्कूल को गिराने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। यहां रोजाना 20-25 बच्चे पढ़ने आते हैं, स्कूल टूट गया तो वे कहां जाएंगे? जब बजट पास हो चुका है तो बाहरी लोगों को यहां हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। वहां सिर्फ तीखी बहस हुई थी, कोई मारपीट या हमला नहीं हुआ।
वहीं, घटना के बाद सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने कहा कि आज का दिन राजस्थान के लोकतांत्रिक इतिहास में एक काला दिन है। मैं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से कहना चाहता हूं कि आपके पास सिर्फ 48 घंटे का वक्त है। इन असामाजिक तत्वों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और स्कूल निरीक्षण से जुड़े जनविरोधी आदेश को वापस लिया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो सीजेपी पूरे राजस्थान में उग्र आंदोलन छेड़ेगी।