
Jaipur Water Tank Protest: छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर जयपुर में NSUI का प्रदर्शन तेज हो गया है। गुरुवार सुबह से NSUI के तीन छात्र टोंक फाटक पुलिया के पास पानी की टंकी पर चढ़े हैं, इनमें एक छात्रा भी शामिल है। इनका कहना है कि छात्र काफी समय से अपनी मांग रख रहे हैं लेकिन सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। इन छात्रों ने शुक्रवार दोपहर से अनशन भी शुरू कर दिया। इनका समर्थन कर रहे अन्य छात्रों ने शुक्रवार की शाम टोंक रोड जाम कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने एक दर्जन से अधिक छात्रों को हिरासत में ले लिया। दूसरी तरफ एसएमएस अस्पताल में अनशन कर रहे छात्र नेता शुभम रेवाड़ की तबीयत बिगड़ गई। शुभम का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
शुरुआती जानकारी के अनुसार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक दर्जन से ज्यादा NSUI के कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल टोंक रोड पर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। छात्र अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं और वे पुलिस की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। यातायात भी काफी हद तक प्रभावित हो रहा है। जानाकारी के अनुसार, टंकी पर चढ़े छात्र नेताओं के समर्थन में आए युवा सड़क पर लेट तक गए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें भी घसीटकर गाड़ी में डाल लिया।
इससे पहले छात्रों ने सरकार को दो घंटों की चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर अगले दो घंटों तक सरकार की तरफ से प्रतिक्रिया नहीं आती है तो वह आमरण अनशन पर उतर जाएंगे। जानकारी के अनुसार, अभी तक सरकार का किसी तरह का कोई बयान नहीं आया है, इसी वजह से छात्रों ने आमरण अनशन की घोषणा कर दी है। बता दें कि टंकी पर चढ़े छात्रों के पास कल से खाने-पीने का कोई इंतजाम नहीं था। उनके पास बस पीने के लिए पानी था, जो भी अब खत्म हो चुका है।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की दो मांगें हैं। उनकी पहली मांग है कि दिल्ली में जंतर-मंतर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुए लाठीचार्ज और बिहार में छात्रों पर गोलियां चलाने के लिए देश के गृह मंत्री अमित शाह माफी मांगें। दूसरी उनकी मांग छात्रसंघ चुनाव बहाल करने को लेकर है। उनका कहना है कि छात्रसंघ चुनाव उनका अधिकार है।
पत्रिका से बातचीत करते हुए छात्र ने बताया कि रात को पुलिस प्रशासन ने टंकी पर चढ़कर उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन तीनों छात्र नहीं माने। उन्होंने साफ कहा कि जब तक चुनाव से संबंधित कोई घोषणा नहीं होती है वह पीछे नहीं हटेंगे।
वहीं, राजस्थान यूनिवर्सिटी के छात्र नेता शुभम रेवाड़ पिछले नौ दिनों से अनशन पर बैठे हैं।
गुरुवार शाम को पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती अनशन स्थल से उठाकर सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में एडमिट करवा दिया था। हालांकि पुलिस और प्रशासन की इस कार्रवाई का मौजूद छात्रों ने काफी विरोध किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की। लेकिन प्रशासन ने शुभम रेवाड़ की तबीयत बिगड़ने का हवाला दिया। बता दें कि हॉस्पिटल में पहुंचकर भी शुभम रेवाड़ ने अनशन ख्तम नहीं की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के अपने हैंडल पर पोस्ट करते हुए यह जानकारी दी।