जयपुर

स्वच्छता का संस्कार: स्वचालित मशीनों से सड़कों की सफाई के नाम पर खानापूर्ति, करोड़ों खर्च फिर भी सड़कें धूल से ढकी

Swachhata Ka Sanskar: जयपुर नगर निगम करोडों खर्च कर रहा, फिर भी मैकेनाइज्ड सफाई खानापूर्ति बनी हुई है। शहर में 29 रोड स्वीपर चल रहे हैं। हर एक पर 5.5 लाख मासिक खर्च होता है। लेकिन मशीनें बिना लेबर सिर्फ किलोमीटर पूरे करती दिखीं।

2 min read
Nov 30, 2025
सहकार मार्ग पर खानापूर्ति करता रोड स्वीपर (फोटो- पत्रिका)

Swachhata Ka Sanskar: जयपुर शहर में मैकेनाइज्ड स्वीपिंग (स्वचालित मशीनों से सड़कों की सफाई) के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। सड़कों पर सफाई नहीं होती और रोड स्वीपर चक्कर लगाकर सिर्फ किलोमीटर पूरे कर रहे हैं। निगरानी के नाम पर व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लगा है, जो सब कुछ सही बता रहा है, जबकि मौके पर स्थिति उलट है।

धीरे-धीरे रोड स्वीपर की संख्या को नगर निगम ने बढ़ा लिया, लेकिन सफाई सड़कों की कम, निगम के खजाने की ज्यादा हो रही है। कुछ रोड स्वीपर खरीदे और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के नाम पर किराए पर और ले लिए। अभी शहर में निगम के नौ और ठेके पर 20 रोड स्वीपर संचालित हो रहे हैं। प्रति माह एक रोड स्वीपर पर निगम करीब साढ़े पांच लाख रुपए खर्च करता है।

ये भी पढ़ें

Swachhata Ka Sanskar: अल्बर्ट हॉल पर जब लड़की ने डांटा तो लोग हुए हैरान फिर मुस्कुराए, जानें कारण

19 करोड़ रुपए सालाना खर्च

पत्रिका टीम को पिछले कुछ दिनों में टोंक रोड, अजमेर रोड, भारत जोड़ो सेतु, हवा सड़क, एमआई रोड, पीवीसी कर्नल होशियार सिंह मार्ग पर रोड स्वीपर काम करते दिखाई दिए। एक भी जगह रोड स्वीपर के साथ लेबर नजर नहीं आई। जबकि ठेके पर चलने वाले रोड स्वीपर के साथ लेबर का प्रावधान है। इन पर एक वर्ष में निगम 19 करोड़ से अधिक खर्च कर देता है। वीआईपी आने पर निगम के सफाईकर्मियों को ही झाड़ू लगानी पड़ती है।

ये हैं जिम्मेदार

-अपर्णा शर्मा, उपायुक्त गैराज शाखा
-अतुल शर्मा, अधीक्षण अभियंता, गैराज शाखा

यहां भी बुरा हाल


गोनेर रोड: गोनेर रोड पर मुख्य मार्ग होने के बावजूद डिवाइडर के पास मिट्टी के ढेर मिले। खानियां बंध्या से लेकर लुनियावास तक सड़क पर मिट्टी जमी नजर आई। व्यापारी प्रहलाद गुप्ता ने बताया कि दिनभर वाहनों के साथ सड़क पर मिट्टी उड़ती रहती है। रोड स्वीपिंग मशीन एक-दो माह में एक बार दिखाई देती है।

जगतपुरा: अक्षयपात्र को गोनेर रोड से जोड़ने वाली 160 फीट चौड़ी मुख्य सड़क पर जगह-जगह मिट्टी के ढेर लगे हैं। स्थानीय बाबूलाल मीणा ने बताया कि हमने रोड स्वीपिंग मशीन को कभी सफाई करते नहीं देखा।

घाट की गुणी: घाट की गुणी में ट्रांसपोर्ट नगर से विद्याधर के बाग तक डिवाइडर पर मिट्टी व कचरा जमा नजर आया। ठेला लगाने वालों ने बताया कि यहां कोई मशीन सफाई करने नहीं आती है।

झालाना: झालाना से अपेक्स सर्कल को जाने वाली रोड पर जगह-जगह मिट्टी मिली। वाहनों के साथ ही मिट्टी उड़ती नजर आई।

फोटो क्यों ले रहे हो?

सहकार मार्ग पर सुबह 11 बजे रोड स्वीपर दिखा। यह सफाई करने की बजाय केवल किलोमीटर पूरे करने में लग रहा था। न तो ब्रश से सड़क साफ हो रही थी और न ही सफाई के दौरान धूल उड़ रही थी। बेहद धीमी गति में ड्राइवर ट्रैक्टर चला रहा था। जब फोटो खींचा तो पहले मना किया, बाद में कहा कि फोटो क्यों ले रहे हो?

पत्रिका की पड़ताल

राजस्थान पत्रिका ने शहर के कुछ मुख्य मार्गों पर पड़ताल की तो रोड डिवाइडर के किनारे मिट्टी के ढेर लगे मिले। वाहनों की दौड़ के साथ मिट्टी उड़ती नजर आई। शहर में मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग की सच्चाई सामने आ गई।

ये भी पढ़ें

जयपुर में सफाई बनी संस्कार, …तब ही बदलेगा शहर का हाल, जब सिस्टम बोले कम और सफाई करे ज्यादा

Published on:
30 Nov 2025 10:09 am
Also Read
View All

अगली खबर