जयपुर के रामगढ़ मोड़ स्थित कर्बला मैदान में तब्लीगी इज्तिमा के दूसरे दिन भारी भीड़ उमड़ी। उलेमाओं ने अच्छे अखलाक, भाईचारे और सादगी से जिंदगी बिताने पर जोर दिया। फिजूल खर्ची रोकने के संदेश के साथ 160 जोड़ों का सादगी से निकाह कराया गया।
जयपुर: रामगढ़ मोड़ स्थित कर्बला मैदान में आयोजित तीन दिवसीय दीनी तब्लीगी इज्तिमा के दूसरे दिन रविवार को अकीदतमंद का हुजूम उमड़ पड़ा। अवकाश के चलते जयपुर सहित प्रदेश के अन्य जिलों से बड़ी संया में समाजजन पहुंचे।
तकरीर में उलेमाओं और इस्लामी विद्वानों ने खुदा के हुक्म के मुताबिक जिंदगी बिताने के तरीके बताए। साथ ही आखिरी पैगंबर हजरत मोहमद साहब के बताए रास्तों पर चलने, बेहतर तालीम पाने और अच्छे अखलाक (व्यवहार) से पेश आने पर जोर दिया। वहीं, सोमवार को सामूहिक दुआ के साथ इज्तिमा का समापन होगा।
कार्यक्रम में मुती सैय्यद अमजद अली ने कहा कि इंसान अगर खुद पर गौर करे तो अल्लाह का शुक्र अदा करता रहेगा। कार्यक्रम में मौलवी खुर्शीद और महफूज नासिर ने आपसी भाईचारा, इंसानियत और जरूरतमंदों की मदद करने का पैगाम दिया।
शादी समारोह में होने वाली फिजूल खर्ची को रोकने और शरीयत के मुताबिक सादगी से निकाह के उद्देश्य से करीब 160 जोड़ों का निकाह कराया गया। मुती सैय्यद अमजद अली के नेतृत्व में 12 काजियों ने 22 मिनट में निकाह मुकम्मल कराए। सादगीपूर्वक हुए आयोजन के माध्यम से पूरी कौम को सकारात्मक संदेश दिया गया। आयोजन में प्रदेशभर से समाजजन शरीक हुए।
रामगढ़ मोड़ के चौराहे और हर गली पर तब्लीगी जमात से जुड़े कार्यकर्ताओं को खड़ा किया गया। उनके हाथ में रस्सी थी। उस रस्सी से ही ट्रैफिक कंट्रोल किया गया। साथ ही कुछ कार्यकर्ताओं के हाथों में वॉकी टॉकी भी था, जिससे वे एक दूसरे को ट्रैफिक सुचारू करने का संदेश दे रहे थे। कार्यक्रम के दौरान भीड़ होने के बावजूद ट्रैफिक जाम नहीं हुआ।
सादगी से निकाह करने के फैसले के लिए दोस्तों-रिश्तेदारों ने भी मुबारकबाद दी।
-अब्दुल दानिश खान, ईदगाह
ऐसे आयोजनों के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आना चाहिए। तभी निकाह सरल होने के साथ किफायती भी होगा।
-जाहिद कुरैशी, रामगढ़ मोड