
जयपुर। राजधानी जयपुर के हरमाड़ा थाना क्षेत्र में चेतन डूंगरी के पास जंगल में खून से लथपथ मिले शव की गुत्थी पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सुलझा ली। पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई सामान्य हत्या नहीं, बल्कि पहले से रची गई लूट और कत्ल की साजिश थी। आरोपियों ने मोबाइल ऐप से टैक्सी बुक की, चालक को सुनसान जगह तक ले गए और फिर रस्सी से गला घोंटने के बाद चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद शव जंगल में फेंक दिया और टैक्सी लेकर फरार हो गए।
डीसीपी पश्चिम प्रशांत किरण ने बताया कि मामले में मुरलीपुरा निवासी सुधांशु जांगिड़ और गणेश नगर निवासी सोनू बैरवा को गिरफ्तार किया गया है। मृतक की पहचान धौलपुर निवासी 34 वर्षीय लखपत सिंह के रूप में हुई, जो जयपुर के किशनबाग नया खेड़ा में किराए पर रहकर टैक्सी चलाता था।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे जल्दी पैसा कमाकर मौज-मस्ती और हाई-प्रोफाइल जीवन जीना चाहते थे। एक आरोपी पर कर्ज भी था और दोनों कैफे खोलने की योजना बना रहे थे। पैसों का इंतजाम करने के लिए उन्होंने टैक्सी लूटने और चालक की हत्या करने की साजिश रची।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वारदात की पूरी तैयारी पहले ही कर ली थी। उन्होंने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट से रस्सी मंगवाई, विद्याधर नगर क्षेत्र से दो चाकू खरीदे और मिर्च पाउडर का भी इंतजाम किया। 20 जुलाई को भी दोनों ने टैक्सी बुक की थी, लेकिन तेज बारिश के कारण योजना पूरी नहीं हो सकी।
इसके बाद 21 जुलाई की रात करीब दो बजे उन्होंने उबर ऐप से दोबारा टैक्सी बुक की। चालक लखपत सिंह को राजावास टोल के पास सुनसान इलाके में ले जाया गया, जहां पहले रस्सी से उसका गला घोंटा गया। इसके बाद आरोपी यहीं नहीं रुके, उन्होंने चाकुओं से कई वार कर उसकी हत्या कर दी। शव को चेतन डूंगरी के पास फेंककर टैक्सी लेकर दौसा की ओर निकल गए ताकि किसी को उन पर शक न हो।
बुधवार को जंगल में शव मिलने के बाद पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से मौके से साक्ष्य जुटाए। मृतक की पहचान के लिए एआई तकनीक का सहारा लिया गया, जिससे उसकी शिनाख्त लखपत सिंह के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, उबर ऐप की बुकिंग डिटेल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच की कड़ियां जुड़ती गईं और संदेह दोनों आरोपियों तक पहुंच गया।
पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने पूरी साजिश और हत्या की वारदात कबूल कर ली। फिलहाल पुलिस हत्या में प्रयुक्त हथियार, अन्य साक्ष्यों और लूटी गई टैक्सी से जुड़े तथ्यों की बरामदगी के प्रयास कर रही है। साथ ही आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।