जयपुर

ग्राउंड रिपोर्ट: जयपुर में ट्रैफिक से जंग! महल रोड पर यू-टर्न से बढ़ेगा जाम, तो जंक्शन पर ROB से मिलेगी बड़ी राहत

Jaipur Traffic News: जयपुर में महल रोड पर बन रहे यू-टर्न के डिजाइन पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं जयपुर जंक्शन पर बनने वाला नया ROB आने वाले समय में ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत दिला सकता है।
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Jul 31, 2026
Jaipur Traffic News
जयपुर जंक्शन के बाहर नहीं लगेगा अब ट्रैफिक (Photo- Patrika)

Jaipur Traffic Jam: जयपुर के महल रोड पर 7 नंबर बस स्टैंड से बॉम्बे हॉस्पिटल तक बन रहे यू-टर्न का डिजाइन सवालों के घेरे में है। यू-टर्न के निर्माण का स्वरूप ऐसा रखा गया है कि सड़क का बड़ा हिस्सा इन्हीं में समा गया है। दो से तीन लेन को कवर कर बनाए गए यू-टर्न के कारण मुख्य सड़क की उपयोगी चौड़ाई कम होती नजर आ रही है। आशंका है कि सड़क आठ लेन होने के बावजूद भविष्य में यहां जाम की समस्या बनी रह सकती है और वाहनों की रफ्तार भी प्रभावित होगी।

7 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर लगभग हर एक किलोमीटर की दूरी पर सात यू-टर्न बनाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि इतने अधिक यू-टर्न की आवश्यकता नहीं थी। यदि दो या तीन वैज्ञानिक तरीके से डिजाइन किए गए यू-टर्न बनाए जाते तो भी यातायात का संचालन सुचारू रह सकता था। सड़क चौड़ी करने का उद्देश्य यातायात को तेज और निर्बाध बनाना है, लेकिन वर्तमान डिजाइन में यू-टर्न का आकार इतना बड़ा रखा गया है कि सड़क का पर्याप्त हिस्सा उसी में गिर गया है। इससे मुख्य कैरिज-वे संकरा हो गया है। भविष्य में यातायात का दबाव बढ़ने पर हर यू-टर्न के आसपास वाहनों की कतार लगने और बार-बार ब्रेक लगने की स्थिति बन सकती है। जेडीए का दावा है कि दिल्ली की तर्ज पर यह मॉडल तैयार किया गया है।

अधिकारियों एवं एक्सपर्ट्स के बयान

हर यू टर्न का अलग अनुपात

"सात यू टर्न बनाए जा रहे हैं। जगह के हिसाब से इनको बनाया गया है। यहां यू-टर्न बनाया गया, उस हिस्से से सीधे ट्रैफिक को निकलने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। जो सर्वे किया है, उसमें सामने आया है कि 40 फीसदी ट्रैफिक मुड़ जाता है और 60 फीसदी सीधा आता है। हर यू टर्न का अलग-अलग अनुपात है।"

— सुरेंद्र पंवार, एक्सईएन, जेडीए

एक्सपर्ट कमेंट… कॉम्पेक्ट यू टर्न ज्यादा बेहतर

"सड़क निर्माण में यू-टर्न की संख्या ही नहीं, बल्कि उनका आकार और स्थान भी महत्वपूर्ण होता है। बड़े आकार के यू-टर्न के बजाय कॉम्पेक्ट डिजाइन अपनाया जाता तो सड़क की उपयोगी चौड़ाई बचाई जा सकती थी। इससे वाहन चालकों को भी बेहतर अनुभव मिलता और यातायात अधिक सुगम रहता। किसी भी शहरी सड़क पर यू-टर्न का निर्माण ट्रैफिक घनत्व और सड़क की चौड़ाई को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में अधिकांश स्थानों पर अपेक्षाकृत छोटे और कॉम्पेक्ट यू-टर्न बनाए जाते हैं, जिससे सड़क का स्पेस प्रभावित नहीं होता और यातायात भी सुचारू रहता है।"

— अनिल गोठवाल, रिटायर्ड एडिशनल एसपी

अब जंक्शन के बाहर जाम में नहीं फंसेगा जयपुर

जयपुर जंक्शन के बाहर वर्षों से लोगों की परेशानी बने ट्रैफिक जाम से अगले एक साल में राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे के भूमि देने पर सहमत होने के बाद परियोजना पर काम शुरू हो गया है। योजना के तहत रेलवे ट्रैक पर 668 मीटर लंबा रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) बनाया जाएगा, जो राम मंदिर की ओर से रेलवे ट्रैक पार करते हुए सीधे हसनपुरा सेकंड एंट्री तक पहुंचेगा। इसके साथ ही सड़क का चौड़ीकरण भी किया जाएगा।

लंबे समय से ट्रैफिक जाम बड़ी समस्या

जयपुर जंक्शन के बाहर लंबे समय से ट्रैफिक जाम बड़ी समस्या बना हुआ है। इसे दूर करने की मांग कई बार उठी, लेकिन रेलवे की जमीन उपलब्ध नहीं होने से योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब रेलवे और जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के बीच हुए एमओयू के बाद परियोजना को गति मिल गई है। समझौते के तहत रेलवे भूमि उपलब्ध कराएगा, जबकि जेडीए आरओबी का निर्माण करेगा।

रेलवे देगा जमीन, बनेगी 18 मीटर चौड़ी सड़क

रेलवे ने जयपुर जंक्शन के दूसरे प्रवेश द्वार तक करीब 20 हजार वर्गमीटर भूमि उपलब्ध कराने पर सहमति दी है। इस जमीन पर 18 मीटर चौड़ी सड़क विकसित की जाएगी। इससे स्टेशन के दूसरे प्रवेश द्वार तक सीधी और चौड़ी पहुंच बनेगी और मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव 40 फीसदी तक कम होगा।

47 करोड़ की परियोजना, अगस्त 2027 तक लक्ष्य

रेलवे अधिकारियों के अनुसार जयपुर यार्ड स्थित एलसी-225 पर 47 करोड़ रुपए की लागत से 668 मीटर लंबा आरओबी बनाया जाएगा। परियोजना का कार्य शुरू हो चुका है और टेस्ट पाइल का काम पूरा कर लिया गया है। इसे अगस्त 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। आरओबी बनने के बाद इस हिस्से में फाटक बंद होने से लगने वाला जाम समाप्त होने की उम्मीद है।

हजारों लोगों को मिलेगा फायदा

"आरओबी और नई सड़क बनने से हजारों लोगों को रोजाना जाम से राहत मिलेगी। साथ ही जंक्शन के पुनर्विकास के बाद बढ़ने वाले यातायात दबाव को संभालने में भी यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी। इससे ट्रैफिक दबाव 40 फीसदी तक घट जाएगा।"

— भूपेश यादव, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम), जयपुर मंडल

कुछ रेलवे क्वार्टर हटाए जाएंगे, नाला भी बनेगा

इस योजना के अनुसार राम मंदिर से रेलवे ट्रैक पार करते हुए लोको कॉलोनी के रास्ते हसनपुरा स्थित जंक्शन की सेकंड एंट्री तक नया संपर्क मार्ग बनाया जाएगा। इसके लिए लोको कॉलोनी के कुछ रेलवे क्वार्टर हटाए जाएंगे। जेडीए एप्रोच रोड, सड़क चौड़ीकरण, दोनों ओर स्लिप लेन और वर्षा जल निकासी के लिए नाले का निर्माण भी करेगा। बनी पार्क की ओर रेलवे ड्रेन को स्थानांतरित कर द्रव्यवती नदी से जोड़ा जाएगा। सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी भी जेडीए की होगी।

Updated on:
31 Jul 2026 11:49 am
Published on:
31 Jul 2026 11:49 am