
जयपुर: किस्मत का खेल भी अजीब होता है। कभी-कभी मिनटों की देरी और एक छूटी हुई ट्रेन इंसान की पूरी जिंदगी का रुख बदल देती है। नीम का थाना के मावंडा कला निवासी 25 वर्षीय सचिन कुमार वर्मा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। अगर 17 अगस्त को उसकी महाराष्ट्र जाने वाली ट्रेन न छूटती, तो शायद आज वह अपने परिवार के बीच मुस्कुरा रहा होता। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। ट्रेन छूट जाने के कारण वह जयपुर में ही रुक गया और यही ठहराव उसकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव बन गया।
महाराष्ट्र में टाइल लगाने का काम करने वाला सचिन एक महीने पहले ही अपने गांव आया था। छुट्टियों के बाद वह वापस काम पर लौटने की तैयारी में था, लेकिन ट्रेन छूटने पर 16 अगस्त की रात वह मुहाना क्षेत्र के अभयपुरा में अपने दोस्त हैप्पी के कमरे पर चला गया।
सचिन का इरादा सिर्फ दोस्त से मिलना और रात गुजारना था। बातचीत के दौरान हैप्पी ने बताया कि ठेकेदार बुधराम पर उसके 1900 रुपए बकाया थे, जिसमें से 700 रुपए तो मिल गए थे, लेकिन बचे हुए 1200 रुपए ठेकेदार नहीं दे रहा था।
दोस्ती का हक निभाते हुए सचिन अपने दोस्त हैप्पी का सहारा बनकर बकाया 1200 रुपए मांगने अभयपुरा रिंग रोड के पास ठेकेदार के ठिकाने पर पहुंच गया। कौन जानता था कि अपने दोस्त की मेहनत का हक मांगने की कीमत सचिन को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी।
वहां पैसों की बात को लेकर शुरू हुई मामूली कहासुनी देखते ही देखते कहासुनी से हाथापाई में बदल गई। गुस्सा इस कदर हावी हुआ कि ठेकेदार बुधराम बलाई (मूल निवासी श्रीमाधोपुर), उसके साथी कृष्ण बलाई और एक बाल अपचारी ने सचिन पर लाठी और लोहे के सरियों से ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मासूम सचिन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद मृतक के भाई सुरेंद्र कुमार ने मुहाना थाने में हत्या का मामला दर्ज कराया। डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज के अनुसार, मुहाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ठेकेदार बुधराम बलाई और उसके साथी कृष्ण बलाई को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में शामिल बाल अपचारी के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है। महज 1200 रुपए के बकाए के झगड़े ने एक परिवार से उसका 25 साल का बेटा छीन लिया और पीछे छोड़ गया कभी न भरने वाला दर्द।