जयपुर

जयपुर में ‘फ्री लेफ्ट टर्न’ और ‘डबल यू-टर्न’ से सुधरेगा ट्रैफिक सिस्टम, JDA अपनाएगा जाम से निजात का नया फॉर्मूला

Double U-Turn: जयपुर में बढ़ते ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए जेडीए नया ट्रैफिक मॉडल लागू करने जा रहा है। इसके तहत फ्री लेफ्ट टर्न, डबल यू-टर्न और राउंडअबाउट जैसे उपाय अपनाकर चौराहों पर वाहनों की आवाजाही को आसान बनाने की योजना है।
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Updated: 7 Apr 2026, 9:11 AM IST
Jaipur Traffic System
फोटो: AI

JDA New Traffic System: बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। इसके लिए ट्रैफिक सुधार का नया और आसान तरीका अपनाया है। खास यह है कि इस बार समाधान केवल फ्लाईओवर या बड़े निर्माण नहीं, बल्कि सड़कों के बेहतर इस्तेमाल और स्मार्ट डिजाइन पर आधारित होगा।

पहली बार डबल यू-टर्न का कंसेप्ट लगाया गया है। फ्री लेफ्ट टर्न और राउंडअबाउट (चौराहा) जैसे बदलावों से ट्रैफिक को बिना ज्यादा रुकावट के आगे बढ़ाने की कोशिश है। साथ ही कॉरिडोर आधारित सुधार और छोटे कनेक्टिविटी लिंक बनाकर मुख्य सड़कों पर दबाव कम करने की रणनीति भी शामिल है।

योजना की शुरुआत जयपुर से की जा रही है, जहां जेडीए इसे लागू कर रहा है। यह मॉडल सफल रहा तो सरकार राजस्थान के अन्य बड़े शहरों में भी इसे लागू करेगी, जिससे लोगों को जाम और देरी से बड़ी राहत मिल सकती है।

डबल यू-टर्न : चौराहे पर मुड़ने की बजाय, आगे जाकर यू-टर्न लेकर मुड़ेंगे

डबल यू-टर्न कंसेप्ट को खास तौर पर लागू किया जाएगा। यह दो चाैराहों के बीच बनेगा। चौराहे पर सीधे मुड़ने की बजाय थोड़ा आगे जाकर दो बार यू-टर्न लेकर अपनी दिशा बदलना। मान लीजिए आपको किसी चौराहे से दाईं तरफ जाना है। अभी आप सीधे चौराहे से दाईं ओर मुड़ते हैं, जिससे वहां भीड़ और जाम लग जाता है। अब आप पहले तो चौराहे को पार कर आगे बढ़ेंगे और थोड़ी दूरी पर बने यू-टर्न प्वाइंट से वापस मुड़ेंगे। फिर अपनी दिशा में आसानी से निकल जाएंगे। इसके तहत चौड़ी सड़कों पर एक जगह ही दो तरफा यू-टर्न प्वाइंट बनाए जाएंगे। इससे चौराहों पर सिग्नल का दबाव घटेगा और जाम की स्थिति कम होगी। अभी कुल यातायात का 50 प्रतिशत टर्निंग मूवमेंट रहता है। जयपुर में महल रोड, सीकर रोड, न्यू सांगानेर रोड पर काम होगा।

छोटे काम, बड़ा समाधान

  1. राउंडअबाउट- चौराहों पर राउंडअबाउट बनाए जाएंगे, जो सर्किल के रूप में होंगे। इससे वाहनों को बार-बार सिग्नल पर रुकना नहीं पड़ेगा। वाहन धीमी गति से चलते हुए आगे बढ़ सकेंगे, जिससे जाम कम और दुघर्टना की संभावना भी कम होगी।
  2. फ्री लेफ्ट टर्न- चौराहों पर लेफ्ट (बाईं ओर) मुड़ने वाले वाहनों के लिए अलग लेन बनाई जा रही है, ताकि उन्हें सिग्नल का इंतजार न करना पड़े। इससे लंबी कतारें घटेंगी और ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
  3. चैनलाइजेशन- चौराहों और सड़कों पर वाहनों की दिशा तय करने के लिए लेन, डिवाइडर और मार्किंग होगी। इससे हर वाहन अपनी तय दिशा में चलेगा, अनावश्यक कटाव और उलझन कम होगी।
  4. मीडियन कट्स- अभी सड़कों पर जगह-जगह अनियंत्रित कट बने हुए हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं। इन्हें बंद कर सीमित और सुरक्षित स्थानों पर ही यू-टर्न की व्यवस्था कर रहे।

ट्रैफिक दबाव खत्म करने के लिए स्मार्ट और व्यावहारिक समाधान अपनाए जा रहे हैं। डबल यू-टर्न, फ्री लेफ्ट टर्न और राउंडअबाउट जैसे उपायों से चौराहों पर जाम कम होगा। यह मॉडल कम लागत में प्रभावी काम करेगा।
- सिद्धार्थ महाजन,जयपुर विकास आयुक्त

हमारा प्रयास है कि बिना बड़े निर्माण के भी ट्रैफिक संचालन सुचारू और बेहतर हो। यह मॉडल सफल रहने पर इसे अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा, ताकि आमजन को जाम से राहत मिल सके। एक एजेंसी से भी सर्वे कराया जा रहा है।
- झाबर सिंह खर्रा, नगरीय विकास मंत्री

Updated on:
7 Apr 2026, 9:11 AM IST
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