Double U-Turn: जयपुर में बढ़ते ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए जेडीए नया ट्रैफिक मॉडल लागू करने जा रहा है। इसके तहत फ्री लेफ्ट टर्न, डबल यू-टर्न और राउंडअबाउट जैसे उपाय अपनाकर चौराहों पर वाहनों की आवाजाही को आसान बनाने की योजना है।
JDA New Traffic System: बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। इसके लिए ट्रैफिक सुधार का नया और आसान तरीका अपनाया है। खास यह है कि इस बार समाधान केवल फ्लाईओवर या बड़े निर्माण नहीं, बल्कि सड़कों के बेहतर इस्तेमाल और स्मार्ट डिजाइन पर आधारित होगा।
पहली बार डबल यू-टर्न का कंसेप्ट लगाया गया है। फ्री लेफ्ट टर्न और राउंडअबाउट (चौराहा) जैसे बदलावों से ट्रैफिक को बिना ज्यादा रुकावट के आगे बढ़ाने की कोशिश है। साथ ही कॉरिडोर आधारित सुधार और छोटे कनेक्टिविटी लिंक बनाकर मुख्य सड़कों पर दबाव कम करने की रणनीति भी शामिल है।
योजना की शुरुआत जयपुर से की जा रही है, जहां जेडीए इसे लागू कर रहा है। यह मॉडल सफल रहा तो सरकार राजस्थान के अन्य बड़े शहरों में भी इसे लागू करेगी, जिससे लोगों को जाम और देरी से बड़ी राहत मिल सकती है।
डबल यू-टर्न कंसेप्ट को खास तौर पर लागू किया जाएगा। यह दो चाैराहों के बीच बनेगा। चौराहे पर सीधे मुड़ने की बजाय थोड़ा आगे जाकर दो बार यू-टर्न लेकर अपनी दिशा बदलना। मान लीजिए आपको किसी चौराहे से दाईं तरफ जाना है। अभी आप सीधे चौराहे से दाईं ओर मुड़ते हैं, जिससे वहां भीड़ और जाम लग जाता है। अब आप पहले तो चौराहे को पार कर आगे बढ़ेंगे और थोड़ी दूरी पर बने यू-टर्न प्वाइंट से वापस मुड़ेंगे। फिर अपनी दिशा में आसानी से निकल जाएंगे। इसके तहत चौड़ी सड़कों पर एक जगह ही दो तरफा यू-टर्न प्वाइंट बनाए जाएंगे। इससे चौराहों पर सिग्नल का दबाव घटेगा और जाम की स्थिति कम होगी। अभी कुल यातायात का 50 प्रतिशत टर्निंग मूवमेंट रहता है। जयपुर में महल रोड, सीकर रोड, न्यू सांगानेर रोड पर काम होगा।
ट्रैफिक दबाव खत्म करने के लिए स्मार्ट और व्यावहारिक समाधान अपनाए जा रहे हैं। डबल यू-टर्न, फ्री लेफ्ट टर्न और राउंडअबाउट जैसे उपायों से चौराहों पर जाम कम होगा। यह मॉडल कम लागत में प्रभावी काम करेगा।
- सिद्धार्थ महाजन,जयपुर विकास आयुक्त
हमारा प्रयास है कि बिना बड़े निर्माण के भी ट्रैफिक संचालन सुचारू और बेहतर हो। यह मॉडल सफल रहने पर इसे अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा, ताकि आमजन को जाम से राहत मिल सके। एक एजेंसी से भी सर्वे कराया जा रहा है।
- झाबर सिंह खर्रा, नगरीय विकास मंत्री