
JDA Decision : जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने आमजन की सुविधा एवं लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण नीतिगत फैसला लिया है। इसके तहत उन भूखंडों के अनुमोदन एवं पट्टा जारी करने की प्रक्रिया को सरल बना दिया है, जिन पर पूर्व में हाईटेंशन (एचटी) विद्युत लाइन होने के कारण पट्टा जारी नहीं हो पा रहा था, लेकिन वर्तमान में मौके से एचटी लाइन हटाई जा चुकी है। इस वर्ष जेडीए की 18 अगस्त को आयोजित भवन मानचित्र समिति की 437वीं बैठक में इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके तहत ऐसे प्रकरणों में, जहां मौके से एचटी लाइन हटाई जा चुकी है, संबंधित भूखंडों के अनुमोदन एवं पट्टा जारी करने की कार्यवाही अब जोन स्तर पर ही संपादित की जा सकेगी।
इस निर्णय की प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित करने के क्रम में जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा 31 अक्टूबर को नवीन आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। जेडीए द्वारा जारी आदेश अनुसार पूर्व में अनुमोदित योजनाएं जिनमें अनुमोदन के समय एचटी लाइन स्थित होने से, एचटी लाइन कॉरिडोर से प्रभावित भूखण्डों को गैर अनुमोदित रखा गया था अथवा एचटी लाइन कॉरीडोर को छोड़ते हुए शेष भाग का अनुमोदन किया गया था।
ऐसे प्रकरणों में (जिनमें एचटी लाइन के सहारे सड़क प्रस्तावित नही है) वर्तमान में एचटी लाइन शिफ्ट किये जाने/हटाये जाने की स्थिति में जोन स्तर पर एचटी लाइन से प्रभावित भाग को सम्मिलित करने पर योजना के विक्रय योग्य क्षेत्रफल नियमानुसार मापदण्डों के अनुरूप होने पर गुणावगुण आधार पर मूल मानचित्र में संशोधन जोन स्तर पर ही किया जाकर, प्रभावित भूखण्डों की लीजडीड/संशोधित लीजडीड जारी की जा सकेगी। इस आदेश के साथ ही ऐसे प्रकरणों में अनुमोदन की कार्यवाही भी जेडीए द्वारा प्रारंभ कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि आमजन द्वारा समय-समय पर जेडीए के समक्ष यह समस्या उठाई जा रही थी कि पूर्व में भूखंडों के ऊपर से एचटी लाइन गुजरने के कारण उनके पट्टे जारी नहीं हो पाए थे, जबकि वर्तमान में मौके से एचटी लाइन हटाई जा चुकी है। इसके बावजूद पूर्व की प्रक्रिया के चलते उनके प्रकरण लंबित थे।
आमजन की इस व्यावहारिक समस्या को गंभीरता से लेते हुए जेडीए द्वारा यह जनहितकारी नीतिगत निर्णय लिया गया है। इससे एचटी लाइन हटाए जाने के बाद भी पट्टे के लिए लंबित भूखंडों के प्रकरणों का त्वरित निस्तारण संभव होगा। साथ ही, जोन स्तर पर ही अनुमोदन एवं पट्टा जारी करने की कार्यवाही होने से प्रक्रियात्मक जटिलताओं में कमी आएगी तथा आमजन को कार्यालय के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।