राजनीतिक संरक्षण मिलने की वजह से अधिकारी कार्रवाई से बच रहे हैं। बातचीत में सामने आया कि यहां जमीन के भाव 40-45 हजार रुपए प्रति वर्ग गज हैं।
Jaipur News: दिल्ली रोड स्थित लाल डूंगरी के बहाव क्षेत्र की सरकारी जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण को रोकने के लिए चलाई फाइल जेडीए और नगर निगम के बीच फुटबॉल बन गई है।
जमीन पर मालिकाना हक किसका है, इसको लेकर दोनों महकमे अब तक स्पष्ट निर्णय नहीं ले पाए हैं। उधर, भूमाफिया मौके पर अवैध निर्माण कर रहे हैं।
कुछ दिन पहले जेडीए ने यह कहते हुए पत्रावली निगम को भेज दी कि यह सीमा क्षेत्र निगम का है और आगे की कार्रवाई वही करेगा। इसके बाद निगम के आदर्श नगर जोन की टीम ने मौके का निरीक्षण किया।
जांच में साफ हुआ कि सीमा क्षेत्र जेडीए का है। 21 जनवरी को निगम ने फाइल वापस जेडीए भेज दी। जमीन पर मालिकाना हक जेडीए का होने के बाद निगम ने अपना गार्ड भी हटा लिया। इसके बाद भूमाफिया ने मौके पर अवैध निर्माण शुरू कर दिया। जेडीए की टीम अब तक कार्रवाई के लिए नहीं पहुंची है।
सूत्रों के अनुसार अवैध निर्माण मिलीभगत से हो रहे हैं। राजनीतिक संरक्षण मिलने की वजह से अधिकारी कार्रवाई से बच रहे हैं। बातचीत में सामने आया कि यहां जमीन के भाव 40-45 हजार रुपए प्रति वर्ग गज हैं। यही कारण है कि छह माह से कार्रवाई की फाइल चल रही है।
निर्माणकर्ताओं को नोटिस भी जेडीए ने जारी किए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जबकि पिछले वर्ष जून में जब इस जमीन पर कब्जे का प्रयास किया गया था, तब जेडीए ने कार्रवाई की थी और फेंसिंग करवाने के लिए जोन अभियांत्रिकी शाखा को निर्देश दिए थे।
राजेंद्र कुमार, जोन उपायुक्त, आदर्श नगर