
जयपुर। जयपुर के जयसिंहपुरा खोर क्षेत्र में जेडीए ने सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। यहां सांवरिया धाम नाम से करीब 22 बीघा सरकारी भूमि पर अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। आरोप है कि सरकारी जमीन पर कब्जा कर कॉलोनी बसाने की तैयारी की गई थी। कार्रवाई के दौरान जेडीए की टीम ने मौके पर बने पांच पक्के मकानों को ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा करीब डेढ़ दर्जन भूखंडों पर बनाई गई चारदीवारियों को भी तोड़ दिया गया।
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कॉलोनी की चारों तरफ बनाई गई चारदीवारी को भी हटाया गया। जेडीए अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में की गई। पूरे क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए जेसीबी मशीनों की मदद ली गई। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा और कॉलोनियां विकसित करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी।
इससे पहले सांगानेर क्षेत्र में पुलिस और जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की संयुक्त टीम ने हिस्ट्रीशीटर दंपती श्योराज सांसी और गुड्डी सांसी की अवैध संपत्ति को ध्वस्त कर दिया। डीसीपी (पूर्व) रंजिता शर्मा ने बताया कि पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर अपराधियों, माफियाओं और सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान में कृष्णा विहार, सांगानेर निवासी हिस्ट्रीशीटर दंपती को चिह्नित किया गया। जांच में सामने आया कि दंपती ने सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा कर पक्के और कच्चे निर्माण कर रखे थे। मकान के सामने टीनशेड लगाकर आम रास्ते पर भी कब्जा कर लिया गया था। इससे गली में रहने वाले लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी।
बता दें कि अप्रेल महीने में जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कालवाड़ रोड स्थित एक अवैध कॉलोनी को पूरी तरह जमींदोज कर दिया था। जेडीए के प्रवर्तन दस्ते ने बताया कि ग्राम कालवाड़ में मंडा भोपावास रोड पर करीब 6 बीघा कृषि भूमि पर बिना किसी अनुमति के 'गणपति विहार' नाम से एक नई कॉलोनी बसाई जा रही थी। भूमाफियाओं ने यहां मिट्टी-ग्रेवल की सड़कें बिछा दी थीं और भूखंडों का सीमांकन करने के लिए बाउंड्रीवाल खड़ी कर ली थी। जेडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर की मदद से सड़कों को उखाड़ दिया और सभी बाउंड्रीवाल को ध्वस्त कर दिया था।