JJM Scam : चर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1988 बैच के पूर्व सीनियर आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली से गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को उन्हें जयपुर स्थित एसीबी कोर्ट में पेश किया गया।
राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी मछली को जाल में फँसाया है। 1988 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी और पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल को एसीबी की टीम ने गुरुवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया, जिसके बाद शुक्रवार को उन्हें जयपुर के मिनी सचिवालय स्थित एसीबी कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में भारी गहमागहमी के बीच सुबोध अग्रवाल ने मीडिया के सवालों पर केवल इतना कहा, "मेरे वकील आपको सब बताएँगे।"
शुक्रवार को सुबोध अग्रवाल को एसीबी कोर्ट की पांचवीं मंजिल पर ले जाया गया। न्यायाधीश ने उन्हें आधे घंटे बाद बुलाया, तब तक उन्हें एक अलग कमरे में बैठाया गया। एसीबी अब कोर्ट से सुबोध अग्रवाल की अधिकतम पुलिस रिमांड माँगेगी ताकि इस घोटाले की परतों को और गहराई से खोला जा सके। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि रिश्वत की रकम कहाँ-कहाँ पहुँची और इसमें और कौन से सफेदपोश शामिल हैं।
सुबोध अग्रवाल जल जीवन मिशन घोटाले में लंबे समय से फरार चल रहे थे। उनके खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी था और फरवरी 2024 में उनके खिलाफ 'लुक आउट नोटिस' भी जारी किया गया था। एसीबी की टीम ने उनकी लोकेशन ट्रैक की और आखिरकार दिल्ली से उन्हें दबोच लिया। एसीबी डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के नेतृत्व में इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।
यह पूरा मामला घर-घर नल से जल पहुँचाने वाली केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना 'जल जीवन मिशन' में बड़े स्तर पर हुई धांधली से जुड़ा है:
एसीबी ने इस घोटाले की जांच साल 2024 में शुरू की थी। एसीबी के महानिदेशक (DG) गोविंद गुप्ता के अनुसार 17 फरवरी को प्रदेश सहित दिल्ली, बिहार और झारखंड के 15 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। इसी दिन जलदाय विभाग के 9 अधिकारियों को भी गिरफ्त में लिया गया था। सुबोध अग्रवाल इस पूरे मामले के 10वें गिरफ्तार आरोपी हैं, जबकि 3 अन्य आरोपी अब भी फरार हैं।
सुबोध अग्रवाल राजस्थान कैडर के बेहद ताकतवर अधिकारी माने जाते थे। वे 31 दिसंबर 2025 को ही रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के महज कुछ महीनों के भीतर ही भ्रष्टाचार के मामले में उनकी गिरफ्तारी ने राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारियों के बीच खलबली मचा दी है।