जयपुर

JLF 2026: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में लेखिका बानो मुश्ताक ने बताया- कैसा रहा 33 साल का लेखकीय सफर?

Jaipur Literature Festival 2026: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में लेखिका बानो मुश्ताक के साथ 33 वर्षों के लेखकीय सफर और बीते एक साल के अनुभवों पर चर्चा हुई।

3 min read
Jan 15, 2026
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में लेखिका बानो मुश्ताक। फोटो: पत्रिका

जयपुर। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के फ्रंट लॉन सेशन में लेखिका बानो मुश्ताक के साथ हुए संवाद में उनके 33 वर्षों के लेखकीय सफर और बीते एक साल के अनुभवों पर चर्चा हुई। सत्र के दौरान उनसे पूछा गया कि इतने लंबे समय तक कहानियों के साथ जीने और हालिया घटनाक्रमों के बाद वे अपने लेखन और समय को कैसे देखती हैं। जिस पर बानो मुश्ताक ने कहा कि हाल का वर्ष कई मायनों में बेहद दिलचस्प रहा है।

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में लेखिका बानो मुश्ताक ने बताया कि आज सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि एक पूरी पीढ़ी जाग रही है और इससे भी अधिक उत्साहजनक बात यह है कि अब केवल युवा ही नहीं, उनके माता-पिता भी जाग चुके हैं। उन्होंने कहा कि पहले जहां माता-पिता अपने बच्चों को खिलाड़ी, संगीतकार या नर्तक बनते देखना चाहते थे, वहीं अब वे अपने बच्चों को लेखक के रूप में उभरते देखना चाहते हैं। यही कारण है कि कई अभिभावक सक्रिय रूप से अपने बच्चों की किताबें प्रकाशित करवाने की कोशिश कर रहे हैं और प्रकाशकों पर भी दबाव बना रहे हैं। बानो मुश्ताक ने इसे एक सकारात्मक बदलाव बताया।

ये भी पढ़ें

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का आगाज, जावेद अख्तर का सेशन सुनने को उमड़े साहित्यप्रेमी

साहित्यिक इतिहास में दर्ज उपलब्धियों का भी जिक्र

सत्र में लेखिका बानो मुश्ताक ने साहित्यिक इतिहास में दर्ज हालिया उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहली बार बुकर पुरस्कार के इतिहास में एक लघु कहानी संग्रह को सम्मानित किया गया, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इसके साथ ही कन्नड़ जैसी भारतीय भाषाओं से पहली बार किसी कृति को यह सम्मान मिलना भी ऐतिहासिक है। उन्होंने यह भी कहा कि एक और रिकॉर्ड बना है। बुकर पुरस्कार पाने वाली अब तक की सबसे वरिष्ठ लेखिका होना। उन्होंने इसे व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ भारतीय और क्षेत्रीय भाषाओं के साहित्य की जीत बताया।

साझा किए कई अनुभव

बानो मुश्ताक ने अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक मां, जिनकी 14 वर्षीय बेटी ने साहित्यिक रचना लिखी है, उन्होंने अपनी बेटी की किताब का लोकार्पण मुख्यमंत्री और उच्च पदस्थ अधिकारियों के माध्यम से करवाया। अब वही मां चाहती हैं कि बानो मुश्ताक उनकी बेटी की किताब के लिए कुछ शब्द लिखें। उन्होंने कहा कि यह उदाहरण दिखाता है कि आज अभिभावकों की अपेक्षाएं और अपने बच्चों को आगे बढ़ाने के तरीके कितने बदल चुके हैं, और यह बदलाव साहित्य और समाज दोनों के लिए शुभ संकेत है।

इंटरनेशनल बुकर प्राइज के बाद दिए गए स्वीकृति भाषण का भी जिक्र

इस मौके पर उनके इंटरनेशनल बुकर प्राइज के बाद दिए गए स्वीकृति भाषण का भी जिक्र किया गया, जो सोशल मीडिया पर काफ़ी वायरल हुआ था। उस भाषण की एक पंक्ति को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा एक ऐसी दुनिया में जो हमें बाटने की कोशिश करती है, हमें और ज़्यादा लिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पंक्ति छोटी लग सकती है, लेकिन इसके मायने बहुत बड़े हैं।

बानो मुश्ताक ने पाठकों और साहित्यिक समुदाय का आभार जताते हुए कहा कि उनकी किताब को जो प्रेम और समर्थन मिला है, उसके लिए वे बेहद आभारी हैं। उन्होंने साझा किया कि बुकर पुरस्कार की घोषणा से लगभग 5 दिन पहले ही उन्होंने वह स्वीकृति भाषण लिख लिया था, हालांकि उस समय उन्हें स्वयं इस पर पूरा भरोसा नहीं था।

उन्होंने बताया कि शुरुआत में वे भाषण लिखने को लेकर आश्वस्त नहीं थीं, लेकिन लोगों और सहयोगियों के आग्रह पर उन्होंने इसे तैयार किया। उन्हें सलाह दी थी कि किसी भी अपेक्षा में बंधे बिना, परिवार के साथ पल का आनंद लें और धैर्य बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि अंततः जूरी का नजरिया अलग था और जो हुआ, वह अब साहित्य के इतिहास का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने कहा कि लेखन न सिर्फ़ पुरस्कारों के लिए होता है, बल्कि संवाद, जुड़ाव और इंसानियत को बचाए रखने का माध्यम भी है।

युवा लेखकों को दिया सशक्त संदेश

बानो मुश्ताक ने युवा लेखकों को सीधा और सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि लिखने की योजना मत बनाइए, लिखना शुरू कीजिए। लिखिए, लिखिए और लगातार लिखिए। यही एकमात्र संदेश है जो आपको अपने साथ ले जाना चाहिए।

सेशन- हार्ट लैम्प
वेन्यू- फ्रंट लॉन
टाइम- दोपहर 11.00 बजे
स्पीकर- बानू मुश्ताक और माउतुषी मुखर्जी

राजस्थान से जुड़ी हर ताज़ा खबर, सीधे आपके WhatsApp पर
जुड़ें अभी
 : https://bit.ly/4bg81fl

ये भी पढ़ें

JLF 2026: 15 जनवरी को जयपुर में बनेगा शौर्य और शब्दों का संगम, सेना परेड़ के दौरान ही शुरू होगा जेएलएफ

Also Read
View All

अगली खबर