
जयपुर. जेएलएन मार्ग पर ट्रैफिक सुधार के नाम पर जेडीए ने 500 करोड़ रुपए का प्लान तैयार करवाया है। जबकि इसी मार्ग पर पिछले कुछ महीनों में किए गए छोटे-छोटे बदलावों ने दिखा दिया है कि हर समस्या का समाधान करोड़ों की लागत वाली योजना से ही नहीं होता।
कहीं सड़क को वन-वे करने से दबाव घटा, कहीं कुछ मीटर का शॉर्ट मीडियन काम आया तो कहीं फ्री-लेफ्ट और पैदल क्रॉसिंग सुधारने से ट्रैफिक बेहतर हुआ। 7.5 किमी लंबे जेएलएन मार्ग पर जेडीए ने अलग-अलग करीब 40 लाख रुपए ही खर्च किए हैं। जवाहर सर्किल पर भी जेडीए ने फ्री लेफ्ट की सुविधा को बेहतर किया गया है। इन बदलावों से ट्रैफिक समस्या से राहत मिली व मूल स्वरूप भी नहीं बदला।
आरोग्य पथ वन-वे- एसएमएस अस्पताल के दबाव को कम करने के लिए पीक आवर्स में आरोग्य पथ को वन वे किया गया। इससे पीक आवर्स में न सिर्फ आरोग्य पथ को राहत मिली, बल्कि जेएलएन मार्ग को भी ट्रैफिक से निजात मिली।
गांधी सर्किल : मीडियन बनाए- गांधी सर्किल पर यातायात में सुधार के लिए मीडियन बनाया गया है। इससे रॉन्ग साइड आवाजाही रुक है। वहीं टोंक रोड वाले रास्ते पर भी मीडियन बनाया है। इससे सर्किल पर वाहन व्यवस्थित तरीके से आते हैं। इससे यातायात सुगम हुआ है।
जेडीए चौराहा: दो जगह फ्री लेफ्ट- भवानी सिंह रोड से जेएलएन मार्ग पर आने वाले वाहनों के लिए फ्री-लेफ्ट की व्यवस्था। शांति पथ से जेएलएन मार्ग की ओर ट्रैफिक के लिए भी सुधार किए गए। जेएलएन मार्ग का डिवाइडर बढ़ाने के साथ पैदल क्रॉसिंग को बेहतर किया।
ओटीएस चौराहा: 40 करोड़ से हो रही पुलिया चौड़ी- ओटीएस चौराहे पर 40 करोड़ से पुलिया को चौड़ा करने का काम चल रहा है। फ्री लेफ्ट की सुविधा मिलेगी और वाहन सीधे भी आसानी से निकल सकेंगे।
बजाज नगर मोड़: पैदल क्रॉसिंग पर जोर- बजाज नगर मोड़ पर पैडेस्ट्रियन क्रॉसिंग तैयार की गई है। जेएलएन मार्ग जैसे भारी ट्रैफिक वाले मार्ग पर पैदल यात्रियों गणेश मंदिर-मेडिकल कॉलेज :गणेश मंदिर और मेडिकल कॉलेज के पास पैडेस्ट्रियन क्रॉसिंग को बेहतर किया गया।
त्रिमूर्ति सर्किल : शॉर्ट मीडियन से सुधार- इससे चौराहे पर वाहनों के खड़े होने और आगे बढ़ने की स्थिति ज्यादा व्यवस्थित हुई।