
Sachin Pilot : जोधपुर कोटा और बीकानेर के बाद अब जोधपुर में भी सिजेरियन प्रसव के बाद महिलाओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। इस मामले में कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट ने चिंता जताते हुए कहाकि स्वास्थ्य व्यवस्था को संभालने में भाजपा सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है। सचिन पायलट ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 महिलाओं की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ने एवं दो प्रसूताओं की किडनी खराब होने की खबर अत्यंत दुःखद एवं चिंताजनक हैं। प्रदेश में लगातार बदहाल होती स्वास्थ्य व्यवस्था को संभालने में भाजपा सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है।
इससे पूर्व भी कोटा एवं बीकानेर में कई प्रसूताओं की तबियत बिगड़ने से किडनी फैल हो गई थी, जिसमें से कुछ की मृत्यु भी हो गई थी। इसके बावजूद भी सरकार ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और न ही कोई ठोस कदम उठाया। भाजपा सरकार के शासन में लगातार बिगड़ती चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं और सरकारी अस्पतालों की बदहाली चरम पर है, जिसके चलते आम जनता को इसकी कीमत अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़ रही है।
सचिन पायलट ने लिखा कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच एवं जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होनी चाहिए और पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता एवं प्रभावित महिलाओं को बेहतर उपचार की व्यवस्था उपलब्ध करवाई जानी चाहिए।
जोधपुर कोटा और बीकानेर के बाद अब जोधपुर में भी सिजेरियन प्रसव के बाद महिलाओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। जिला अस्पताल पावटा में 20 जून को सिजेरियन ऑपरेशन से प्रसव कराने वाली 8 महिलाओं में ऑपरेशन के बाद अचानक स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जटिलताएं हुई। सभी महिलाओं की तबीयत प्रसव के कुछ समय बाद ही बिगड़ने लगी, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
डॉ एसएन मेडिकल कॉलेज जोधपुर के प्रिंसिपल डॉ फतेह सिंह जोधा ने कहाकि पाओटा अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की सेहत पर नज़र रखी जा रही है। ये ऑपरेशन शनिवार को किए गए थे। उस दिन उनका तापमान भी काफी ज़्यादा था। इसके बावजूद, 2 गर्भवती महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इनमे से एक को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हुई और दूसरी को ऑपरेशन के दौरान थोड़ी ब्लीडिंग हुई। सीनियर डॉक्टरों और माइक्रोबायोलॉजिस्ट ने सैंपल लिए हैं। उनकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। अब तक, यहां मौजूद सभी मरीज़ स्थिर हैं। हमने सभी के सैंपल भेजे और एंटीबायोटिक दी जा रही है। जिन दो मरीज़ों को दिक्कतें थीं, उन्हें हमने दूसरी जगह शिफ्ट किया है और उन पर कड़ी नज़र रख रहे हैं।