Jodhpur Delhi Cantt Vande Bharat जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस को 20 कोच के साथ संचालित किए जाने पर यात्रियों का शानदार रिस्पॉन्स मिला है। रविवार को पहले ही दिन 20 कोच के साथ चली यह ट्रेन लगभग फुल रही।
Jodhpur Delhi Cantt Vande Bharat जयपुर। जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस को 20 कोच के साथ संचालित किए जाने पर यात्रियों का शानदार रिस्पॉन्स मिला है। रविवार को पहले ही दिन 20 कोच के साथ चली यह ट्रेन लगभग फुल रही। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर रेलवे स्टेशन से इस वंदे भारत सुपरफास्ट एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
दरअसल, लगातार बढ़ रहे यात्रीभार को देखते हुए रेलवे ने इस ट्रेन के कोचों की संख्या 8 से बढ़ाकर 20 कर दी है। इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस में पहले ही दिन करीब 94 प्रतिशत बुकिंग दर्ज की गई। वहीं दिल्ली कैंट से जोधपुर आने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में 118 प्रतिशत तक सीटें बुक रहीं, जो यात्रियों की भारी मांग को दर्शाता है। रेलवे का मानना है कि कोच बढ़ने से यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी और इस रूट पर कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
गौरतलब है कि शुक्रवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर उद्घाटन फेर के लिए दिल्ली कैंट रवाना किया था। इस अवसर पर रेल मंत्री ने रेलवे से जुड़ी कई विकास योजनाओं की भी घोषणा की। भगत की कोठी रेलवे स्टेशन पर लगभग 400 करोड़ रुपए की लागत से मेगा कोचिंग टर्मिनल विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही यहां देश के पहले वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मेंटेनेंस डिपो के फेज-2 को भी मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के तहत अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर भी तैयार किया जाएगा।
रेलमंत्री ने बताया था कि प्रदेश में 25 गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल विकसीत किए जा रहे हैं, जिनमें में 12 पूर्ण हो चुके हैं। वर्तमान परियोजनाओं के पूर्ण होने पर राजस्थान को 200 से अधिक नई ट्रेनें मिलेगी।
जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस में अब कुल 20 कोच लगाए गए हैं। इनमें 78 सीट क्षमता वाले 16 डिब्बे, 44 सीट क्षमता वाले 2 डिब्बे और 52 सीट क्षमता वाले 2 डिब्बे शामिल हैं। इस तरह ट्रेन की कुल यात्री क्षमता 530 से बढ़कर 1440 हो गई है, जिससे अधिक यात्रियों को यात्रा का लाभ मिल सकेगा।