जयपुर

जयपुर में केटरर्स की दो टूक- सिलेंडर लाओ, तभी भोजन पाओ…मिठाई 5 से 2 हुई, चाट स्टॉल गायब; रिश्तेदारों से गैस मांग रहे परिवार

LPG Crisis: जयपुर में अक्षय तृतीया से पहले एलपीजी संकट ने शादियों की तैयारियां बिगाड़ दी हैं। गैस सिलेंडर की कमी से परिवार मेहमानों और व्यंजनों में कटौती कर रहे हैं। केटरर्स ने भी सिलेंडर बिना खाना बनाने से मना कर दिया।

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Apr 16, 2026
सिलेंडर के लिए आवेदन की कतार (फोटो- पत्रिका)

Jaipur LPG Crisis: जयपुर: अक्षय तृतीया पर 19 अप्रैल को अबूझ सावे में सात फेरों की तैयारियां गैस सिलेंडर पाने की तैयारियों तक सिमट गई है। शादी वाले परिवार अब मिठाई और मेहमानों की गिनती से ज्यादा सिलेंडरों की गिनती कर रहे हैं कि कितने सिलेंडर जुटा पाए?

अबूझ सावे पर शहर में करीब 4 से 5 हजार शादियां होंगी। लेकिन दूल्हा-दुल्हन से ज्यादा चर्चा सिलेंडरों की हो रही है। मिठाई कम, मेहमान कम, कार्यक्रम कम-सब कुछ गैस की कमी का असर। केटरर्स ने साफ कह दिया है कि सिलेंडर लाओ, तभी भोजन पाओ। रिश्तेदारों से सिलेंडर उधार लेने तक की नौबत आ गई है।

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कोटा तय, इंतजाम नहीं

बुधवार को जिला रसद अधिकारी कार्यालय में कई परिवार सिलेंडर की जद्दोजहद करते नजर आए। उनका कहना था कि सिलेंडर न मिलने से मेहमानों की संख्या घटानी पड़ी है और लेडीज संगीत, भात जैसे कार्यक्रम निरस्त करने पड़े हैं। मैरिज गार्डन को 70 फीसदी कोटा तय होने के बावजूद केटरर्स को व्यावसायिक सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं।

रिश्तेदारों से सिलेंडर उधार लेने की नौबत

परिवारों ने बताया कि पहले 1500 से 2000 मेहमानों के लिए दावत की तैयारी थी। लेकिन अब केवल शादी के दिन ही मेहमान बुलाए जाएंगे। मिठाई भी पांच की जगह दो ही परोसी जाएगी और चाट स्टॉल आठ-दस से घटाकर दो-तीन ही लगाए जाएंगे। रिश्तेदारों से सिलेंडर उधार लेने तक की नौबत आ गई है।

अधिकारी और कंपनियां साधे बैठे चुप्पी

  • शादी वाले घरों में कहीं मेहमान कम किए गए, कहीं लेडीज संगीत-भात का कार्यक्रम निरस्त
  • मैरिज गार्डन को सिलेंडर की 70 फीसदी आपूर्ति के आदेश, लेकिन केटरर्स अब भी खाली हाथ
  • केटरर्स ने किए हाथ खड़े, कहा- अब जितने सिलेंडर की व्यवस्था हो जाएगी, उसी हिसाब से ही खाना तैयार करवाएंगे
  • जिम्मेदार अधिकारी और गैस कंपनियां साधे बैठे हैं चुप्पी

केस नंबर एक

सिलेंडर संकट ने शादी की पूरी तैयारियां बदल दी हैं। तीन सिलेंडर से काम नहीं चलेगा। अब सीमित संसाधनों में ही मेहमानों को दावत दी जाएगी। लेडीज संगीत और भात जैसे अलग-अलग कार्यक्रमों की जगह शादी के दिन ही मेहमानों को खाना खिलाने की योजना है। पांच की जगह दो मिठाई बनाई जाएगी और स्टॉल की संख्या भी कम रखी जाएगी।
-भवानी मीणा, मुरलीपुरा निवासी

केस नंबर दो

19 अप्रैल को शादी है और अब केटरर्स ने साफ कह दिया है कि सिलेंडर की व्यवस्था होने पर ही मेहमानों की संख्या के अनुसार खाना बनाया जाएगा। तीन सिलेंडर से काम नहीं चलने वाला है। मेहमानों की संख्या आधी कर दी है और व्यंजन भी कम किए हैं।
-नंसूलाल, हरमाडा निवासी

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Published on:
16 Apr 2026 09:22 am
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