जयपुर

Kartik Maas 2023: सिद्धि योग व भरणी नक्षत्र में हो रही कार्तिक माह की शुरुआत, आधे घंटे पहले खुलेंगे गोविंददेवजी के दर्शन, ये आ रहे प्रमुख त्योहार

Kartik Maas 2023: त्योहारों का राजा कार्तिक मास की शुरुआत 29 अक्टूबर को सिद्धि योग व भरणी नक्षत्र में हो रही है। इसके साथ ही तारों की छांव में कार्तिक स्नान शुरू होगा, वहीं मंदिरों में दीपदान किया जाएगा। पूरे एक माह गलता तीर्थ में स्नान के लिए भक्तों की भीड़ रहेगी।
2 min read
• •
Updated: 27 Oct 2023, 9:45 AM IST
Kartik Maas 2023: सिद्धि योग व भरणी नक्षत्र में हो रही कार्तिक माह की शुरुआत, आधे घंटे पहले खुलेंगे गोविंददेवजी के दर्शन, ये आ रहे प्रमुख त्योहार
Kartik Maas 2023: सिद्धि योग व भरणी नक्षत्र में हो रही कार्तिक माह की शुरुआत, आधे घंटे पहले खुलेंगे गोविंददेवजी के दर्शन, ये आ रहे प्रमुख त्योहार

जयपुर। त्योहारों का राजा कार्तिक मास की शुरुआत 29 अक्टूबर को सिद्धि योग व भरणी नक्षत्र में हो रही है। इसके साथ ही तारों की छांव में कार्तिक स्नान शुरू होगा, वहीं मंदिरों में दीपदान किया जाएगा। पूरे एक माह गलता तीर्थ में स्नान के लिए भक्तों की भीड़ रहेगी। शहर के अराध्य गोविंददेवजी मंदिर में मंगला झांकी में श्रद्धालु उमड़ेंगे। वहीं इस माह करवा चौथ, पंच पर्वा दिवाली, देवउठनी एकादशी सहित कई व्रत—त्योहार आएंगे। कार्तिक माह देव दिवाली तक 27 नवम्बर तक होगा।

कार्तिक माह में गोविंददेवजी के मंगला झांकी का समय 15 मिनट के बजाय अब एक घंटे तक होंगे। वहीं मंगला झांकी भी अब आधे घंटे पहले खुलेंगी। श्रद्धालु देवदर्शन के साथ दीपदान भी करेंगे। यह क्रम पूरे कार्तिक माह चलेगा। वहीं चौड़ा रास्ता स्थित मंदिरश्री राधा दामोदरजी में मंगला से शयन तक भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। यहां कार्तिक स्नान करने वाली महिलाएं अलसुबह से शाम तक दीपदान करेंगी। मंदिर पूरे कार्तिक माह दीपमालाओं से जगमग होगा।

गलता तीर्थ में स्नान
गलता तीर्थ में अलसुबह से ही पवित्र कुंडों में स्नान के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। इस बीच 13 से 27 नवंबर तक गलता में कार्तिक महोत्सव का आयोजन होगा। इससे पहले 2 नवंबर को महोत्सव के झंडे का रोपण किया जाएगा। महोत्सव के दौरान विभिन्न उत्सव मनाए जाएंगे। इस दौरान गलता तीर्थ में दक्षिण भारतीय संस्कृति साकार होगी।

गोविंददेवजी मंदिर में कार्तिक में झांकियों का समय
झांकी — समय
मंगला — सुबह 4.30 से 5.30 बजे तक
धूप — सुबह 8.15 से 9.15 बजे तक
शृंगार — सुबह 9.30 से 10.15 बजे तक
राजभोग — सुबह 10.45 से 11.15 बजे तक
ग्वाल — शाम 5 से 5.15 बजे तक
संध्या — शाम 5.45 से 6.45 बजे तक
शयन — रात 8 से 8.15 बजे तक

कार्तिक माह के प्रमुख व्रत—त्योहार
त्योहार — कब
करवा चौथ — 1 नवंबर
अहोई अष्टमी — 5 नवंबर
रमा एकादशी — 9 नवंबर
धनतेरस, — 10 नवंबर
रूप चतुर्दशी — 11 नवंबर
दीपावली — 12 नवंबर
अन्नकूट — 14 नवंबर
भैयादूज — 15 नवंबर
डाला छठ — 19 नवंबर
आंवला नवमी — 21 नवंबर
देव उठनी एकादशी — 23 नवंबर
देव दिवाली — 27 नवंबर

Published on: