कठुआ- उन्नाव गैंगरेप केस के विरोध में राजस्थान सहित पूरे देश के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। कठुआ- उन्नाव गैंगरेप को लेकर देशभर में धरना- प्रदर्शन का माहौ
जयपुर
कठुआ- उन्नाव गैंगरेप केस के विरोध में राजस्थान सहित पूरे देश के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। कठुआ- उन्नाव गैंगरेप को लेकर देशभर में धरना- प्रदर्शन का माहौल बना हुआ हैं। राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, बिहार, पूरे देश में आरोपियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की जा रही हैं।
जम्मू-कश्मीर, गुजरात व उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न इलाकों में नाबालिग से दुष्कर्म की हालिया घटनाओं से आहत प्रदेश की राजधानी जयपुर की बेटियों ने कैंडल मार्च निकाला और कहा कि अब वक्त आ गया है कि ऐसे अपराधियों को ऐसी सजा मिले कि कोई और ऐसा करने से पहले सोचकर ही कांप उठे।
कठुआ और उन्नाव गैंगरेप केस को लेकर राजस्थान में राजनीतिक कोशिशें तेज़ हो रही हैं। लगातार कुछ दिनों से कांग्रेस कैंडल मार्च निकाल रही हैं। सोमवार को कांग्रेस का कई जगहों पर धरना -प्रदर्शन हुआ जिससे ऐसा कहा जा रहा है कि चुनावी साल में वसुंधरा राजे सरकार की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
कठुआ गैंगरेप केस की वकील दीपिक राजावत ने बताया कि उनकी जान को खतरा हैं। उन्हें कुछ दिनों से धमकियां मिल रही हैं। राजावत ने कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट से
अपील करेंगी की कठुआ गैंगरेप केस की सुनवाई जम्मू-कश्मीर से बाहर हो।
क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट
क्राइम ब्रांच की जांच में जो हकीकत सामने आई, उसने न सिर्फ जम्मू-कश्मीर राज्य, बल्कि पूरे हिंदुस्तान को हिला दिया। क्राइम ब्रांच ने जो चार्जशीट तैयार की उसके मुताबिक समूची वारदात सोची-समझी साजिश के तहत हुई। बच्ची लापता तो हुई थी 10 जनवरी को, जबकि इसका षड्यंत्र 4 जनवरी को ही रच लिया गया था। जांच में मुजफ्फरनगर से आकर मासूम के साथ रेप करने वाले ने गैंगरेप और उसके बाद हत्या की घटना पुलिस को बताई। पशु भी नहीं कर सकते ऐसे तो...पहले बच्ची के साथ गैंगरेप किया गया, फिर पत्थरों से पीटकर हत्या कर लाश को जंगल में फेंका गया। जांच के दौरान सांजी राम ने पुलिसकर्मियों को मामला दबाने के लिए 1.5 लाख रुपए की रिश्वत भी दी।