
राजस्थानी संगीत को नई पहचान दिलाने वाले और वीणा कैसेट्स के मालिक केशरी चंद मालू का 80 साल की उम्र में सोमवार रात दिल्ली में निधन हो गया। जानकारी के अनुसार हृदय गति रुकने की वजह से उनका निधन हुआ। आज मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार होगा। के. सी. मालू वही शख्स थे जिन्होंने वीणा कैसेट्स के जरिए लोगों के घर तक राजस्थानी लोकगीत पहुंचाया था। इसी वजह से उन्हें राजस्थानी लोकगीत के संरक्षक के रूप में देखा जाता है। उन्होंने सरकार की मदद के बिना 5000 से ज्यादा लोकगीतों को संरक्षित किया था। लोक गीतों को सहेजने और संस्कृति को आगे बढ़ाने में उनके योगदान के लिए उन्हें राजस्थान रत्न अवॉर्ड से सम्मनित किया गया था। उनके निधन पर राजस्थान के मुख्यममंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दुख जताया है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए के. सी. मालू के निधन पर शोक जताया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि राजस्थानी लोक संगीत और संस्कृति को नई पहचान दिलाने में अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले के.सी. मालू के निधन का समाचार बड़ा दुखद है। इस क्षेत्र में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। मालू के निधन को उन्होंने कला और संस्कृति के जगत के लिए क्षति बताई। साथ ही उन्होंने मालू के परिवार और शुभचिंतकों के प्रति संवेदना जताई।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी के. सी. मालू के निधन पर दुख जताया। उन्होंने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए बताया कि वह उनके पारिवारिक मित्र थे और पिछले हफ्ते उन दोनों की जयपुर के सिविल लाइंस वाले आवास में मुलाकात हुई थी। आगे उन्होंने लिखा कि के.सी. मालू ने अपना पूरा जीवन संगीत जगत को समर्पित कर दिया। उनका अचानक जाना सभी के लिए बड़ी क्षति है।
केशरी चंद मालू का जन्म साल 1946 में चूरू के सुजानगढ़ में हुआ था। उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में एमए की पढ़ाई की थी। उन्हें राजस्थान रत्न अवॉर्ड के अलावा साहित्य रत्न और जैन सिद्धांत रत्न अवॉर्ड भी मिले हुए हैं। उनका इंटरेस्ट संगीत और राजस्थानी संस्कृति में बहुत ज्यादा था। उन्होंने घूमर, चीरमी और कांगसियो जैसे मशहूर म्यूजिक एल्बम बनाए। इसके अलावा उन्होंने 221 राजस्थानी शादी के गीतों का एक बड़ा संग्रह भी तैयार करवाया था।