
अब हेल्थ इंश्योरेंस सिर्फ बीमारी और अस्पताल के खर्चों में सुरक्षा का जरिया नहीं रह गया है। बीमा कंपनियां लोगों को स्वस्थ रहने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही हैं। रोजाना 10 हजार कदम चलने, नियमित शारीरिक गतिविधियां करने और हेल्थ स्कोर बेहतर रखने पर प्रीमियम का एक हिस्सा वापस पाने का मौका मिल रहा है। जीवनशैली जितनी नियमित और सक्रिय होगी, संभावित फायदा उतना ही अधिक हो सकता है। कुछ योजनाओं में ट्रैवल और अन्य वेलनेस बेनिफिट भी आकर्षण बढ़ा रहे हैं।
हालांकि, रिटर्न की राशि और पात्रता पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करती है। कुछ योजनाओं में निर्धारित मानकों के अनुसार एक्टिव दिनों और जरूरी ग्रीन हार्ट स्कोर के आधार पर 30 से 100 फीसदी तक रिटर्न मिल सकता है। वास्तविक लाभ पॉलिसी की शर्तों और पात्रता के अनुसार तय होता है। बच्चों को भी इस दिनचर्या में शामिल करने से पूरे परिवार की सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा मिल सकता है।
अस्पतालों का नेटवर्क
बीमारी से जुड़े अपवाद
वेटिंग पीरियड
रूम लिमिट
नवीनीकरण की शर्तें
रिटर्न की गणना
रिटर्न नकद मिलता है, प्रीमियम में समायोजित होता है या किसी अन्य रूप में दिया जाता है।
जयपुर के गलता गेट निवासी एक परिवार का अनुभव इस मॉडल को समझाता है। परिवार में पति-पत्नी और दो बच्चे शामिल हैं। शुरुआत में 3 साल का प्रीमियम एक साथ चुकाया था। इस साल जनवरी में अगले तीन साल के लिए पॉलिसी का नवीनीकरण कराया गया। पति-पत्नी रोजाना करीब 10 हजार कदम चलते हैं और हर साल 325 एक्टिव दिन पूरे कर लेते हैं। पिछले तीन साल में दोनों ने मिलकर 29 हजार रुपए से अधिक का हेल्थ रिटर्न अर्जित किया। नवीनीकरण के समय 60,906 रुपए के तीन साल के प्रीमियम में यह राशि समायोजित हुई। रिवॉर्ड से प्रीमियम का बड़ा हिस्सा चुकाने में मदद मिली।
2.5% अंक की बढ़ोतरी: एक बीमा कंपनी की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में 11 लाख से अधिक ग्राहक हेल्थ रिटर्न अर्जित कर रहे थे। वित्त वर्ष 2024-25 में रिवॉर्ड के पात्र ग्राहकों में करीब 8.9 फीसदी ने इसका लाभ लिया, जबकि मार्च 2024 में यह अनुपात 6.4 फीसदी था।
फिटनेस की आदत पर जोर: बीमा विशेषज्ञ सुरेंद्र शर्मा के अनुसार, 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी नियमित वॉक, दैनिक गतिविधियों पर नजर रखने और तय लक्ष्य हासिल करने के लिहाज से यह योजना लाभकारी साबित हो रही है।