
जयपुर। डेढ़ साल से रिक्त चल रहे राजस्थान वक्फ बोर्ड को सोमवार को नया अध्यक्ष मिल गया है। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष और बोर्ड सदस्य खानू खान बुधवाली निर्विरोध वक्फ बोर्ड चेयरमैन चुने गए।
जिला कलेक्टर और निर्वाचन अधिकारी जगरूप सिंह यादव ने खान के निर्विरोध निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र सौंपा। वक्फ बोर्ड में अध्यक्ष सहित नौ सदस्य हैं। इस मौके पर वक्फ बोर्ड सदस्य और कांग्रेस विधायक रफीक खान और पूर्व सांसद अश्क अली टांक भी मौजूद थे।
इससे पहले सोमवार को सुबह 11 बजे ज्योति नगर स्थित वक्फ बोर्ड कार्यालय में निर्वाचन अधिकारी जगरूप सिंह यादव के समक्ष खानू खान ने चेयरमैन पद के लिए नामांकन भरा। सत्तारूढ़ पार्टी से होने के चलते किसी अन्य सदस्य ने नामांकन नहीं भरा, जिसके बाद नामांकन पत्र की जांच के बाद दोपहर दो बजे निर्वाचन अधिकारी ने खान को निर्विरोध निर्वाचित होने की घोषणा कर दी।
नव नियुक्त चेयरमैन खानू खान बुधवाली ने पत्रिका टीवी से बातचीत में कहा कि राजस्थान में वक्फ बोर्ड को एक मॉडल के रूप में विकसित करना है, जो और राज्यों के लिए भी नजीर बनें। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त करवाना पहली प्राथमिकता है, जिन लोगों ने वक्फ संपत्तियों पर काबिज है, उन्हें चाहिए कि वे स्वयं भी उन जमीनों को छोड़ें।
बोर्ड राजस्व बढ़ाने के लिए वक्फ संपत्तियों में निर्माण कर उन्हें किराए पर देगा। बता दें कि डेढ़ साल पूर्व हाईकोर्ट ने तत्कालीन वक्फ बोर्ड चेयरमैन और दो अन्य सदस्यों की सदस्यता को बर्खास्त कर दिया था।
उसके बाद से ही वक्फ बोर्ड में चेयकमैन सहित तीन सदस्यों के पद रिक्त चल रहे थे। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनते ही वक्फ बोर्ड में तीन सदस्यों की नियुक्ति की गई थी। खानू खान को समाजसेवी कोटे के तहत सदस्य बनाया गया था।