जयपुर

Kharra Disease: जैसलमेर में फैली अजीब बीमारी, कर्रा रोग या और कुछ, जांच दल की रिपोर्ट में होगा खुलासा

Animal Treatment: चिकित्सकों के दल ने जिन क्षेत्रों में पशुओं के सैंपल लिए हैं वहां कर्रा रोग के प्रारंभिक लक्षण तो नहीं मिले हैं लेकिन कुछ अन्य बीमारियों के लक्षण जरूर मिले हैं जिनके लिए उनका उपचार चल रहा है।

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May 02, 2025

Animal Health:जैसलमेर जिले में कर्रा रोग की वस्तुस्थिति का पता लगाने के लिए पशु चिकित्सकों के तीन सदस्यीय दल ने प्रभावित जिले के करीब दो दर्जन गांवों में पहुंचकर दर्जनों बीमार पशुओं के सैंपल्स लिए हैं। दल की प्रारंभिक रिपोर्ट में पाया गया कि कर्रा रोग प्रारंभिक लक्षण वाले पशुओं की संख्या काफी कम हो गई है।

जयपुर स्थित पीजीआईवीईआर के वीसीसी ईचार्ज व अस्टिटेंट प्रोफेसर डॉ. सुरेश कुमार झीरवाल के निर्देशन में पीजीआईवीईआर के अस्टिटेंट प्रोफेसर डॉ. विकास गालव व डॉ. संदीप कुमार शर्मा को जांच लिए भेजा गया। इस टीम ने जैसलमेर जिला मुख्यालय के आसपास के गांवों व पोकरण तहसील के दो दर्जन से अधिक गांवों में सैंपल लिए हैं।

इस टीम ने दो दिन तक जिले के गांव बड़ोड़ा, रिदवा, बंबारों की ढाणी, गांव आसायच, डाबला, दरबारी, सोरों की ढाणी सहित करीब दो दर्जन गांवों में बीमार पशुओं के सैंपल लेकर जिला कलक्टर व पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. उमेश कुमार को अवगत करवाया है।

मत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों से बीमार पशुओं के लिए गए सैंपल का लैब में गहन परीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद वस्तुस्थिति और साफ हो सकेगी।

फिलहाल कर्रा रोग के प्रारंभिक लक्षण नहीं

मंत्री कुमावत ने बताया कि चिकित्सकों के दल ने जिन क्षेत्रों में पशुओं के सैंपल लिए हैं वहां कर्रा रोग के प्रारंभिक लक्षण तो नहीं मिले हैं लेकिन कुछ अन्य बीमारियों के लक्षण जरूर मिले हैं जिनके लिए उनका उपचार चल रहा है।

खासकर पशुओं में पोषण व फास्फोरस की कमी, बैक्टीरियल रोग की आशंका है। इसके लिए चिकित्सा विभाग की मोबाइल वेटनरी वैन व पशु चिकित्सालयों में मिनरल मिक्सर, एक्टीवेटिड चारकोल पाउडर आदि की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

Updated on:
02 May 2025 10:18 am
Published on:
02 May 2025 10:15 am
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