जयपुर

Rajasthan News: मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने सीएम भजनलाल शर्मा को लिखा पत्र, पांचना बांध की नहरों में तत्काल पानी छोड़ें

Panchna Dam Water Issue : कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर तत्काल पानी छोड़ने की मांग की है। मंत्री ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो वे वहां चल रहे आंदोलन में उतरने को मजबूर हो सकते हैं।

2 min read
Jun 16, 2026
CM Bhajanlal Sharma-Kirodi Lal Meena
CM Bhajanlal Sharma-Kirodi Lal Meena। File Photo Patrika

जयपुर। राजस्थान में पांचना बांध का पानी सियासी मुद्दा बन गया है। बीस साल से सूखी पड़ी नहरों, हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी और किसानों के बढ़ते आक्रोश के बीच कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर तत्काल पानी छोड़ने की मांग की है। मंत्री ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो वे वहां चल रहे आंदोलन में उतरने को मजबूर हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद पिछले दो दशकों से नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया है, जिससे हजारों किसान और ग्रामीण गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। पांचना बांध के कैचमेंट और कमांड एरिया के बीच पानी के वितरण को लेकर विवाद बना हुआ है।

इस मुद्दे को लेकर सवाई माधोपुर जिले की वजीरपुर तहसील के खंडीप गांव में धरना दिया जा रहा है। आंदोलनकारी लगातार उनसे हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। जिससे उन्हें मजबूरन कुछ कदम उठाना पड़ सकता हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से दोनों पक्षों के बीच तत्काल संवाद स्थापित कर हाईकोर्ट के आदेशों की पालना सुनिश्चित करते हुए नहरों में पानी छोड़ने का आग्रह किया है।

डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि वर्तमान में बांध के आसपास के कुछ गांवों के लोग भी आंदोलनरत हैं और पहले अपने गांवों को पानी देने की मांग कर रहे हैं। सरकार ने इन गांवों के लिए अलग से सिंचाई व्यवस्था विकसित करने के प्रयास शुरू किए हैं। बजट 2026-27 में सिंचाई से वंचित गांवों के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान भी किया गया है।

बांध के निर्माण पर 125 करोड़ रुपए खर्च हुए

पत्र में उल्लेख किया कि पांचना बांध का निर्माण वर्ष 1977 से 2004 के बीच हुआ था और उस समय करीब 125 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इसके बावजूद वर्ष 2006 से पानी किसानों को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।

40 हजार बीघा भूमि सिंचाई से वंचित

मंत्री ने दावा किया कि लगभग 40 हजार बीघा भूमि सिंचाई से वंचित है, जिससे 35 गांवों के लगभग 1.25 लाख लोगों को प्रतिवर्ष करीब 200 करोड़ रुपए की आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पत्र में यह भी लिखा है कि हाईकोर्ट ने 8 जुलाई 2022, 23 अप्रेल 2026 और 1 मई 2026 को नहरों में पानी छोड़े जाने के संबंध में स्पष्ट आदेश दिए थे। लेकिन अब तक किसानों को पानी उपलब्ध नहीं कराया गया है।