
दौसा। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं वैसे वैसे अपना वोट बैंक तैयार करने के लिए राजनीतिक बयानबाजी चरम पर है या यूं कहें कि राजस्थान का चुनाव आरक्षण की बयान बाजी के दौर से गुजर रहा है। आज राज्यसभा सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा के एक बयान से राजस्थान में ही नहीं बल्कि देश की राजनीति में हड़कंप मचा दिया। दौसा में दिए गए इस बयान में राज्यसभा सांसद डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा आरक्षण विरोधी रही है और एससी-एसटी का शोषण करती है। उन्होंने कहा कि आरक्षण की देन कांग्रेस की नहीं है बल्कि डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अंबेडकर विरोधी भी है।
जब सन 1952 और 1954 में संसद में यह तय हुआ था कि अंबेडकर जैसे व्यक्तित्व के सामने किसी अन्य प्रत्याशी को खड़ा नहीं किया जाएगा इसके बावजूद भी कांग्रेस ने महाराष्ट्र की सीटों पर अम्बेडकर के खिलाफ अपने प्रत्याशी उतारे और भीमराव अंबेडकर को दोनों ही चुनाव में हरा दिया। यहां तक कि इन चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के खिलाफ प्रचार भी किया। राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने आरक्षण पर बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी आरक्षण विरोधी और पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के इशारे पर कांग्रेस के एक नेता ने सात दिन तक अनशन भी किया हालांकि राज्य सभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने अनशन करने वाले नेता का नाम मीडिया के सामने उजागर नहीं किया। ऐसे में आज दौसा में राज्यसभा सांसद डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा का अंबेडकर को लेकर दिए गए बयान से कांग्रेस पार्टी भी पशोपेश में है वहीं उन्होंने इशारों ही इशारों में आरक्षण के खिलाफ अनशन का बयान देकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू कर दी है।
राज्यसभा सांसद डॉक्टर किरोडी लाल मीणा को फोन पर मिली धमकी के बाद दौसा सदर थाने में मुकदमा दर्ज हो गया है और दौसा पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। इधर फोन करने वाला अपने आप को बूंदी जिले का निवासी बता रहा था। इस पूरे मामले में राजसभा सांसद डॉक्टर किरोडी लाल ने कहा कि उन्होंने पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट से गुर्जरों की लंबित मांग एसटी में आरक्षण पर रुख जानने की बात कही थी। इसमें गुर्जर आरक्षण या गुर्जर समाज के विरोध का कोई प्रश्न नहीं उठता, उन्होंने कहा कि बूंदी जिले से एक फोन आया और कहा कि कांग्रेस व गुर्जर आरक्षण पर बोले तो जान से मार दूंगा हालांकि किरोड़ी लाल मीणा का कहना था कि राजनीति में धमकियां मिलती रहती है लेकिन इस तरह कोई अपनी मांग उठाये या फिर किसी राजनीतिक पार्टी से सवाल पूछे तो उसे धमकी मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है।