सरकार और प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद सुसाइड के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है। इन मामलों पर चिंता जताते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सीएम भजनलाल शर्मा को सलाह दी है।
Rajasthan Politics: देश में कोचिंग हब के रूप में प्रसिद्ध कोटा से आए दिन छात्र सुसाइड के मामला सामने आ रहे है। एक ही दिन में एक छात्र और छात्रा ने आत्महत्या कर लिया। यह इस साल का छठा सुसाइड केस है। सरकार और प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद सुसाइड के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है। इन मामलों पर चिंता जताते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सर्वदलीय बैठक बुलाकर गंभीर चिंतन कर युवाओं के हित में उपाय किए जाने का निवेदन किया है।
कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को कोटा में बढ़ते सुसाइड केस को लेकर गंभीरता से कदम उठाने का निवेदन किया है। उन्होंने लिखा कि 'मैं आपका ध्यान युवाओं से जुड़े एक बेहद महत्वपूर्ण विषय की ओर आकर्षित करना चाहता हूं। प्रदेश में गत दिनों में कोचिंग छात्रों द्वारा आत्महत्या करने के मामले हृदयविदारक हैं। ये मामले सबसे अधिक कोटा जिले से सामने आ रहे हैं जो कोचिंग हब भी है। दिनांक 22 जनवरी को ही दो विद्यार्थियों द्वारा आत्महत्या कर ली गई।'
उन्होंने लिखा कि 'यह आपकी जानकारी में होगा कि राजस्थान में विगत कुछ वर्षों में आत्महत्या के मामलों में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। अगर इस गंभीर समस्या का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो यह विकराल रूप ले सकती है। यदि आंकड़ों की तरफ ध्यान दें तो पिछले 22 दिन में ही 5 बच्चों ने आत्महत्या की है। पिछले एक साल में 20 से अधिक विद्यार्थियों ने आत्महत्या की है। यह अत्यन्त चिंताजनक एवं स्तब्ध कर देने वाला है कि अब एक ही दिन में कई विद्यार्थियों के आत्महत्या के मामले सामने आ रहे हैं जो इसकी भयावहता को बताते हैं। इन युवा विद्यार्थियों के परिजनों पर क्या बीतती होगी वो हम सब समझ सकते हैं।'
जूली ने कहा कि 'जब इन आत्महत्या के मामलों की जांच की जाती है तो इसमें विद्यार्थियों पर बढ़ता अच्छे प्रदर्शन का दबाव एक कारण है। परन्तु यह सोच का विषय है कि शिक्षा प्रणाली में ऐसी क्या खामियां हैं जो किसी विद्यार्थी का जीवन बनाने के स्थान पर उसे जीवन समाप्त करने के लिए मजबूर कर रही हैं।'
उन्होंने आगे लिखा कि 'मेरा आपसे विनम्र निवेदन है कि इस महत्वपूर्ण विषय पर आप राज्य सरकार को गंभीरतापूर्वक कदम उठाने के लिए निर्देशित करें। अगर इस संवेदनशील विषय पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाकर गंभीर चिंतन कर युवाओं के हित में उपाय किया जाए तो श्रेयस्कर होगा।'