जयपुर

राजस्थान AGTF की बड़ी कामयाबी, लॉरेंस बिश्नोई-रोहित गोदारा गैंग का खास गुर्गा US में गिरफ्तार, भारत लाने की तैयारी

एजीटीएफ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (क्राइम) दिनेश एमएन ने बताया कि अमित शर्मा गिरोह के लिए धन जुटाने, विदेशों में मौजूद गैंग के सदस्यों को धन पहुंचाने, भारत से फरार अपराधियों को शरण दिलाने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसे काम में शामिल था।
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Oct 14, 2025
Gangster Amit Sharma
लॉरेंस बिश्नोई, रोहित गोदारा और अमित शर्मा। फाइल फोटो- पत्रिका

जयपुर। राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। अमरीकी एजेंसियों ने AGTF और सीबीआई की इंटरपोल ब्रांच की सूचना पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े गैंगस्टर अमित शर्मा उर्फ जैक पंडित को गिरफ्तार किया है। आरोपी वर्तमान में रोहित गोदारा गैंग का सक्रिय सदस्य है। अब इस अपराधी को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

श्रीगंगानगर का है निवासी

एजीटीएफ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (क्राइम) दिनेश एमएन ने बताया कि अमित शर्मा गैंग के लिए धन जुटाने, विदेशों में मौजूद गैंग के सदस्यों को धन पहुंचाने, भारत से फरार अपराधियों को शरण दिलाने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसे काम में शामिल था।

उन्होंने बताया कि अमित शर्मा उर्फ जैक पंडित मूल रूप से श्रीगंगानगर के मटीली राठन का निवासी है और कई आपराधिक मामलों में वांछित था। जयपुर क्राइम ब्रांच ने इसका रेड कॉर्नर नोटिस और अन्य दस्तावेज अमरीकी एजेंसियों को भेजे, जिसके बाद अमरीकी पुलिस ने इसके ठिकानों का पता लगाकर इसे गिरफ्तार किया।

कई नाम रखे, पहचान छुपाई

दिनेश एमएन ने कहा कि विदेश भागने के बाद अमित ने अपनी पहचान छुपाने के लिए कई नाम अपनाए, जैसे जैक, सुल्तान, डॉक्टर और पंडित जी। गैंग के सदस्य इसे इन नामों से जानते थे, लेकिन इसका असली नाम कभी उजागर नहीं हुआ। अमित शर्मा पहले लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के लिए काम करता था और अब रोहित गोदारा, गोल्डी बराड़ और वीरेंद्र चारण गैंग से जुड़ गया।

वह हवाला के जरिए फिरौती की रकम विदेशों में प्राप्त करता और इसे गैंग के सदस्यों तक पहुंचाता, जिसका उपयोग मुख्य रूप से हथियार और ड्रग्स खरीदने में होता था। जांच से पता चला कि रोहित गोदारा के विदेश भागने से पहले ही अमित ने विदेशों में अपना नेटवर्क स्थापित कर लिया था। अमरीका में उसकी गिरफ्तारी के बाद श्रीगंगानगर और पंजाब में इसके सहयोगियों को पकड़ने के लिए स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया है।

इन अपराधों में था शामिल

26 जनवरी 2022 को पुरानी आबादी पुलिस ने जसप्रीत सिंह उर्फ अमु से अवैध पिस्तौल और कारतूस बरामद किए थे, जो अमित शर्मा ने उपलब्ध कराए थे। इसके बाद 29 अप्रेल 2022 को श्रीगंगानगर में अमोद कुमार भगत के घर पर फिरौती के लिए गोलीबारी हुई, जिसमें अमित की प्रमुख भूमिका थी।

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साथ ही उम्मेद कुमार नामक अपराधी से श्रीगंगानगर में 6 पिस्तौल और 84 कारतूस बरामद हुए थे, जो अमित शर्मा और उसके गांव के योगेश स्वामी ने दिए थे। ये हथियार गोल्डी बराड़ के गुर्गों तक पहुंचाए जाने थे। इसके अलावा श्रीगंगानगर के सुनील शर्मा को अनमोल बिश्नोई की ओर से हत्या की धमकी मिली थी, जिसमें भी अमित शर्मा शामिल था। अनमोल बिश्नोई, आरजू बिश्नोई और अमित ने मिलकर सुनील की हत्या की साजिश रची थी। इस साजिश के कुछ शूटर दिल्ली स्पेशल सेल ने पकड़े थे। अमित शर्मा पंजाब और हरियाणा में भी कई आपराधिक मामलों में वांछित है।

Updated on:
14 Oct 2025 07:36 pm
Published on:
14 Oct 2025 07:25 pm