Lok Sabha Elections 2024 : राजस्थान के इस लोकसभा सीट पर 72 साल में पहली बार चुनाव नहीं लड़ेगी कांग्रेस। कांग्रेस ने भारतीय आदिवासी पार्टी (बाप) के प्रत्याशी के समर्थन का एलान किया है। राजस्थान प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कांग्रेस और BAP के गठबंधन की घोषणा की है। अभी अभी सूचना के अनुसार अरविंद सिंह डामोर को कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया है।
Lok Sabha Elections 2024 : बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा सीट पर काफी सोच विचार के बाद आखिरकार कांग्रेस ने यह घोषणा की कि अब वह इस लोकसभा सीट से चुनाव नहीं लड़ेगी। राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कांग्रेस और BAP के गठबंधन की घोषणा की है। रंधावा ने लिखा, कांग्रेस बांसवाड़ा लोकसभा और बागीदौरा विधानसभा सीट पर उप चुनाव में भारतीय आदिवासी पार्टी के प्रत्याशी का समर्थन करेगी। कांग्रेस के इस एलान के बाद बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा सीट पर एक नया इतिहास बन गया। राजस्थान के इस लोकसभा सीट पर 72 साल में पहली बार कांग्रेस चुनाव नहीं लड़ेगी। यह क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ रहा है। अब इस सीट पर भाजपा और बीएपी में सीधा मुकाबला होगा।
आज 8 अप्रैल को दूसरे चरण के नामांकन की वापसी का अंतिम दिन था। कांग्रेस की घोषणा के बाद आज बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा सीट के प्रत्याशी अरविंद डामोर को अपना नामांकन वापस लेना था। पर 3 बजे तक नामांकन वापसी कोई सूचना नहीं है। बताया जा रहा है कांग्रेस प्रत्याशी सुबह से गुम हैं। अभी अभी सूचना के अनुसार अरविंद सिंह डामोर को कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया है।
राजस्थान की बासंवाड़ा-डूंगरपुर सीट पर नामांकन वापसी के आखिरी दिन के आखिरी समय तक अरविंद डामोर का इंतजार रहा पर अभी तक की सूचना के अनुसार उन्होंने अपना पर्चा वापस नहीं लिया है। चर्चा में है कि जब से कांग्रेस ने समर्थन की घोषणा की है तब से कांग्रेस प्रत्याशी लापता हैं। ढूंढ़ने पर भी कोई पता नहीं चल रहा है। बताया जा रहा है कि फोन देर रात से स्विच ऑफ़ बता रहा है। कांग्रेस के दिग्गज नेता परेशान है।
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वहीं एक और रोचक बात यह है कि कांग्रेस ने बागीदौरा विधानसभा सीट पर उप-चुनाव के प्रत्याशी के नाम वापसी का भी एलान किया है और भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) को समर्थन दिया है। इस घोषणा के बाद से ही इस सीट पर घोषित कांग्रेस प्रत्याशी कमल कांत कटारा भी गायब हैं। कांग्रेस के अचानक लिए इस फैसले पर बांसवाड़ा और डूंगरपुर दोनों जिलों के कांग्रेस नेता सकते में हैं।
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