Jaipur sports university: राजस्थान में खेल प्रतिभाओं को नई दिशा देने के लिए जयपुर में महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय की सौगात जल्द मिलेगी। आमेर में महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय की स्थापना होगी।
Jaipur sports university: राजस्थान में खेल प्रतिभाओं को नई दिशा देने के लिए जयपुर में महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय की सौगात जल्द मिलेगी। आमेर में महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय की स्थापना होगी। इसके लिए करीब 2 लाख वर्ग मीटर भूमि चिन्हित कर ली गई है और वहां चारदीवारी का निर्माण भी शुरू हो चुका है।
विश्वविद्यालय की स्थापना पर 101 करोड़ रुपए से अधिक की लागत आने का अनुमान है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल और प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे राज्य के लाखों युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
विधानसभा में महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय, जयपुर विधेयक-2025 ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। युवा मामले एवं खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि इसकी घोषणा बजट 2024-25 में की गई थी।मंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय का अधिकार क्षेत्र पूरे राज्य में रहेगा। शुरुआत में प्रत्येक संभाग से एक-एक खेल महाविद्यालय को संबद्ध करने का प्रावधान रखा गया है।
यह विश्वविद्यालय राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित शारीरिक शिक्षा महाविद्यालयों, खेल अकादमियों और अन्य राजकीय व निजी खेल संस्थानों को भी संबद्ध कर सकेगा। कुलगुरु की अध्यक्षता में प्रबंध बोर्ड गठित होगा। विश्वविद्यालय के लिए एक सलाहकार परिषद भी बनाई जाएगी। इसमें कुलाधिपति द्वारा नियुक्त राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त व्यक्ति अध्यक्ष होंगे।
विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स साइंसेज, स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स कोचिंग, स्कूल ऑफ फिजिकल एजुकेशन, स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन, स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स मैनेजमेंट, स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी तथा स्कूल ऑफ एडवेंचर स्पोर्ट्स स्थापित किए जाएंगे। इन संस्थानों के माध्यम से विद्यार्थी अध्ययन, प्रशिक्षण और शोध के साथ नवाचार भी कर सकेंगे। इसके अलावा बायो-मैकेनिक्स, फिजियोथेरेपी, स्पोर्ट्स साइकोलॉजी, डेटा एनालिसिस, स्पोर्ट्स मेडिसिन और न्यूट्रिशन साइंस जैसे क्षेत्रों में भी करियर के अवसर उपलब्ध होंगे।
राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद में लगभग 150 स्थायी प्रशिक्षकों की भर्ती की जाएगी, जबकि करीब 700 प्रशिक्षक अस्थायी रूप से नियुक्त किए जाएंगे। खेल मंत्री ने बताया कि कोचों की भर्ती वर्ष 2012 के बाद पहली बार की जा रही है।
खेल मंत्री ने बताया कि जगतपुरा स्थित शूटिंग रेंज को रीको ने एडॉप्ट किया है और सरकार का प्रयास है कि सीएसआर सहित अन्य माध्यमों से खेलों को लगातार प्रोत्साहन मिले। उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप खेल पुरस्कार पिछले छह-सात वर्षों से लंबित हैं। इसके लिए समिति गठित कर दी गई है।